– बवाना, नरेला और शाहबाद डेयरी इलाके में फिर परेशान दिखे नागरिक
दया राम नई दिल्ली
दिल्ली नगर निगम मुख्यालय में होने वाली सदन की अधिकतर बैठकें हंगामें की भेंट चढ़ जाती है और यहां सदन में अपनी बात नहीं रखपाने में असमर्थ निगम पार्षद जोनल वार्ड समिति की बैठकों में सड़कों और फुटपाथ से अतिक्रमण को लेकर अपनी बात रखते हैं और जोन चैयरमैन द्वारा भी अतिक्रमण पर एक्शन करने की बात कही जाती है। हालांकि इसे लेकर एक्शन भी किया जाता है लेकिन दो चार दिन बार फिर से पहले जैसे हालात हो जाते हैं। बार बार हटाना और फिर से सड़कों और फुटपाथ पर अतिक्रमण हो जाने का असर भले ही निगम अधिकारियों पर नहीं पड़ता है लेकिन आम जन इस प्रकार के अतिक्रमण से बेहद परेशान हैं। बता दें कि इस वर्ष दिल्ली नगर निगम प्रशासन ने दिल्ली के रोहिणी, नरेला, केशवपुरम व अन्य जोनों में सड़कों और फुटपाथ से अतिक्रमण हटाने के लिए एक्शन किया लेकिन कुछ दिन बाद फिर से वहीं हालात हो गए हैं। हाल ही में नरेला जोन के अंतर्गत शाहबाद डेयरी, बवाना और नरेला के मुख्य मार्ग को अतिक्रमण मुक्त करने को लेकर कार्रवाई हुई थी लेकिन दो चार दिन बाद फिर से वहीं हालात बताए गए हैं।
– घंटों यातायात जाम में फंसे रहते हैं पार्षद
बता दें कि पार्षद जब अपने इलाके में दौरे, आयोजनों व पार्टी व निगम बैठकों के लिए निकलते हैं तो घंटों जाम में फंसे रहते हैं और कई पार्षद जोन बैठकों में यह मामले प्रमुखता से उठा चुके हैं। पार्षदों का कहना है कि अतिक्रमण हटाने के लिए बड़ी मुश्किल से पुलिस बल मिलता है और उसके बाद भी हालात पहले जैसे ही हो जाते हैं।
– बिक रहे हैं बाजार के फुटपाथ
पार्षदों ने निगम बैठकों में यहां तक कहा है कि मुख्य बाजारों में सड़कों और फुटपाथ को मासिक दरों पर बेचा जा रहा है और निगम इस पर कुछ भी एक्शन नहीं ले पा रही है। निगम के कुछ अधिकारियों की कार्यशैली पर भी पार्षद सवाल उठा चुके हैं लेकिन उन अधिकारियों का कुछ नहीं हो पा रहा है।