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भाजपा का ऑपरेशन लोटस 6300 करोड़ का घोटाला : AAP

इसकी शिकायत देने के लिए सीबीआई मुख्यालय पहुंचे आम आदमी पार्टी के विधायक- आम आदमी पार्टी के डेढ़ घंटा धरना देने के बाद मिले सीबीआई अधिकारी -घोटाले की शिकायत में भाजपा का नाम लेते ही सीबीआई के अधिकारी अपने कार्यालय में दुबक कर बैठ गए- दिल्ली के चुने हुए विधायकों को सीबीआई ने एक सामान्य से शिकायत देने के लिए डेढ़ घंटे सड़क पर बैठा कर रखा- ऐसा नजर आ रहा है कि सीबीआई भी ऑपरेशन लोटस का हिस्सा है, उन्हें वहां पर इस्तेमाल किया जाता है जहां पर सरकारें गिरानी हैं- उम्मीद है कि सीबीआई एक निष्पक्ष जांच एजेंसी है और वह भाजपा के ऑपरेशन लोटस की जांच करेगी, सीबीआई निदेशक से मिलने के लिए फिर समय मांगेंगे :आतिशी /पिछले कुछ सालों में 277 विधायक, भारतीय जनता पार्टी ने तोड़े और भाजपा में मिलाए हैं। हम चाहते हैं कि इसकी जांच हो : सौरभ भारद्वाज/ “आप” विधायक जांच की मांग लेकर सीबीआई के पास आए हैं, लेकिन उन्हें सीबीआई निदेशक से मिलने नहीं दिया जा रहा, भाजपा का छोटा नेता भी आता है तो उसे सत्कार से बिठाते हैं : संजय सिंह

नई दिल्ली, 31 अगस्त, 2022 : भाजपा का ऑपरेशन लोटस 6300 करोड़ का घोटाला है। इसकी शिकायत देने के लिए आम आदमी पार्टी के विधायक सीबीआई मुख्यालय पहुंचे। आम आदमी पार्टी के डेढ़ घंटा धरना देने के बाद सीबीआई अधिकारी मिले।आम आदमी पार्टी की वरिष्ठ नेता आतिशी ने कहा कि घोटाले की शिकायत में भाजपा का नाम लेते ही सीबीआई के अधिकारी अपने कार्यालय में दुबक कर बैठ गए। दिल्ली के चुने हुए विधायकों को सीबीआई ने एक सामान्य शिकायत देने के लिए डेढ़ घंटे सड़क पर बैठा कर रखा। ऐसा नजर आ रहा है कि सीबीआई भी ऑपरेशन लोटस का हिस्सा है। उन्हें वहां पर इस्तेमाल किया जाता है जहां पर सरकारें गिरानी हैं।

हमें उम्मीद है कि सीबीआई एक निष्पक्ष जांच एजेंसी है। वह भाजपा के ऑपरेशन लोटस की जांच करेगी। हम सीबीआई निदेशक से मिलने के लिए फिर समय मांगेंगे। आम आदमी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि पिछले कुछ सालों में 277 विधायक भारतीय जनता पार्टी ने तोड़े और भाजपा में मिलाए हैं। हम चाहते हैं कि इसकी जांच हो। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने कहा कि “आप” विधायक जांच की मांग लेकर सीबीआई के पास आए हैं। लेकिन उन्हें सीबीआई निदेशक से मिलने नहीं दिया जा रहा। भाजपा का छोटा नेता भी आता है तो उसे सत्कार से बिठाते हैं।

आम आदमी पार्टी के विधायकों का एक प्रतिनिधिमंडल सीबीआई निदेशक से मिलने के लिए आज दोपहर तीन बजे सीबीआई दफ्तर पहुंचा। पहले दिल्ली के चुने हुए प्रतिनिधियों से मिलने से सीबीआई अधिकारियों ने इंकार कर दिया। इसके बाद आम आदमी पार्टी की विधायक आतिशी, विधायक सौरभ भारद्वाज, सांसद संजय सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि सड़क पर ही बैठ गए।

करीब डेढ़ घंटे के इंतजार के बाद सीबीआई के अधिकारी प्रतिनिधिमंडल से मिलने के लिए तैयार हुए। जिसके बाद आम आदमी पार्टी के प्रतिनिधि मंडल ने सीबीआई अधिकारियों से मुलाकात की। किन्हीं कारणों से सीबीआई के निदेशक आम आदमी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल से नहीं मिल सके। ऐसे में आगे फिर आम आदमी पार्टी के विधायक सीबीआई निदेशक से मिलने का वक्त मांगेंगे। आम आदमी पार्टी की वरिष्ठ नेता आतिशी ने सीबीआई अधिकारियों से मुलाकात के बाद कहा कि बहुत दुख की बात है कि चुने हुए विधायकों को डेढ़ घंटे सड़क पर बैठा कर रखा, एक सामान्य से शिकायत देने के लिए। हम आतंकवादी नहीं हैं बल्कि चुने हुए प्रतिनिधि हैं।

यहां पर दोनों तरफ सैकड़ों पुलिस अधिकारी खड़े थे और बेरिकेट लगे हुए थे जैसे कि कोई आतंकवादी हमला करने वाले हैं। यह आज नजर आ रहा है कि सीबीआई भी ऑपरेशन लोटस का हिस्सा है। उन्हें वहां पर इस्तेमाल किया जाता है जहां पर सरकारें गिरानी हैं। अगर भारतीय जनता पार्टी की कोई शिकायत लेकर आ गया तो शायद सीबीआई डर गई। उन्हें समझ में भी कि हमसे मिलें या ना मिलें। यह सीबीआई का डर है। हम उम्मीद करते हैं कि सीबीआई एक निष्पक्ष जांच एजेंसी है और वह भाजपा के ऑपरेशन लोटस की जांच करेंगे। अब सीबीआई जांच करती है या नहीं करती है, इससे पता चलेगा कि वह निष्पक्ष एजेंसी है या नहीं है। सीबीआई निदेशक से मिलने के लिए हम आगे भी समय मांगेंगे।

विधायक आतिशी ने सीबीआई अधिकारियों के साथ मुलाकात से पहले कहा कि मैं यह पूछना चाहती हूं कि एलजी विनय सक्सेना सीबीआई की जांच भाग क्यों रहे हैं। वह डर क्यों रहे है। उनको अभी तक जिस भी मामले में ऐसा लगा है कि भ्रष्टाचार हुआ है तो उन्होंने कहा जांच करो। अब इस मामले से जांच से क्यों भाग रहे हैं। सीबीआई और ईडी की जांच होने दीजिए। अगर उन्होंने कोई भ्रष्टाचार नहीं किया है तो उस जांच के बाद निकल कर आ जाएगा कि उप राज्यपाल ने कुछ नहीं किया है। अभी तो ऐसा लग रहा है कि विनय सक्सेना जी इस पूरे मुद्दे से भाग रहे हैं और जांच से बचना चाहते हैं।

उन्होंने कहा कि उप राज्यपाल विनय सक्सेना खुद एक कमेटी की अध्यक्षता कर रहे थे। उस कमेटी ने उन्हें बाइज्जत बरी कर दिया। उसके बाद दूसरी जांच एक ऐसे ऑफिसर के द्वारा हुई, जो उनके अंडर काम कर रहा था। ऐसा सीईओ जो खुद उनके अधीन काम कर रहा है, वह तो दबाव में रहा ही होगा। आखिरकार वह कैशियर ने भी तो खुद कहा था कि खादी ग्रामोद्योग के तत्कालीन चेयरमैन विनय सक्सेना के दबाव में हमने ब्लैक मनी को व्हाइट किया। विधायक आतिशी ने कहा कि इसीलिए हम कह रहे हैं कि निष्पक्ष एजेंसी से जांच होनी चाहिए। उप राज्यपाल विनय सक्सेना क्यों सीबीआई और ईडी की जांच से डर रहे हैं। अगर कोई घोटाला नहीं किया है तो जांच में साबित हो जाएगा। अगर ईडी कहती है कि ब्लैक मनी, व्हाइट नहीं हुआ है, मनी लॉन्ड्रिंग नहीं हुई है तो पता चल जाएगा कि कोई घोटाला नहीं किया।

विधायक आतिशी ने कहा कि जांच में विनय सक्सेना जी का नाम क्यों नहीं था, यही तो सवाल है। कोई गवाह कह रहे हैं कि विनय सक्सेना के दबाव में उनको ब्लैक मनी, व्हाइट करने को कहा गया, तो आखिरकार उनके नाम की जांच क्यों ना हो। आखिरकार यह भी पता चल जाए कि सीबीआई एक निष्पक्ष एजेंसी है? अगर भारतीय जनता पार्टी के ऑपरेशन लोटस के खिलाफ शिकायत है तो सीबीआई, पुलिस के पीछे छुप जाती है। यहां सीबीआई मुख्यालय पर दोनों तरफ बड़े-बड़े बैरिकेड लगा दिए गए हैं। पुलिस वालों को खड़ा कर दिया गया है।

सवाल यह है कि सीबीआई निदेशक चुने हुए प्रतिनिधियों से मिलने से क्यों डर रहे है। यह हमारी शिकायत है जो हम ऑपरेशन लोटस के बारे में लेकर आए हैं कि किस तरह भारतीय जनता पार्टी ने 6300 करोड़ का घोटाला देशभर में विधायक खरीदने के लिए किया है। जब देश में इतना बड़ा घोटाला हो रहा है। भारतीय जनता पार्टी अलग-अलग राज्यों में 277 विधायक खरीद चुकी है। दिल्ली में 40 विधायक खरीदने की कोशिश कर रही है। यह 6300 करोड़ का घोटाला है, तो सीबीआई के निदेशक को हमसे जरूर मिलना चाहिए।

आम आदमी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि हमने परसों से सीबीआई में समय मांगा हुआ है। भाजपा जनता पार्टी जिस तरीके से पूरे देश में विधायकों को तोड़कर जनता द्वारा चुनी हुई सरकारों को गिराती है और अपन सरकार बनाती है, इसकी जांच बड़े स्तर पर होनी चाहिए। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सदन में बताया कि पिछले कुछ सालों में 277 विधायक, भारतीय जनता पार्टी ने तोड़े और भाजपा में मिलाए हैं।

हम चाहते हैं कि इसकी जांच हो। ऐसे सब लोगों जो भाजपा में आए हैं, वह किन कारणों से आए हैं? क्या पैसा लेकर के आए हैं? अगर 6300 करोड़ रुपये भाजपा के पास हैं तो यह पैसा कहां से आया है और इसका सोर्स क्या है? यह पूरे देश के लिए बहुत गंभीर बात है। क्योंकि पूरे देश में चुनी हुई सरकार को गिराया जाता है। चुने हुए सभी विधायक सीबीआई को शिकायत देने आए हैं। मुझे लगता है कि केंद्र सरकार की सीबीआई को यह शिकायत लेनी देनी चाहिए। अगर केंद्र सरकार इनपर दबाव बनाएगा तो हो सकता है कि सीबीआई के निदेशक हमसे न मिले। मगर एक निष्पक्ष एजेंसी के तौर पर उन्हें हर शिकायत लेनी चाहिए जो एक चुना हुआ व्यक्ति उऩ्हें देने आ रहा है।

उन्होंने कहा कि पूरा देश जानता है कि आपरेशन लोटस क्या है। मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, गोवा सहित अन्य राज्यों में चुनी हुई सरकारों को गिराया जाता है और भाजपा की सरकार बनाई जाती है। इसे लेकर जांच होना आवश्यक है। हमने दो हैड कैशियर्स के बयान के आधार पर एलजी पर आरोप लगाया। मुझे लगता है कि एलजी को भी ये मालूम होगा कि बयान हैड कैशियर ने दिया है और लिखित बयान दिया। इसे लेकर मुझे नहीं लगता कि कोई लीगल नोटिस की बात बनती है। मगर अगर देंगे तो उन्हें हम जवाब देंगे।

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने कहा कि भाजपा ने विधायक ख़रीदने के लिए 800 करोड़ रखे हुए हैं। “आप” विधायक इसकी जांच की मांग लेकर सीबीआई के पास आए हैं लेकिन उन्हें मिलने नहीं दिया जा रहा। भाजपा का कोई छोटा नेता भी आता है तो उसे सत्कार से बिठाते हैं और शिकायत लेते हैं। इससे पता चलता है सीबीआई, भाजपा के इशारे पर काम करती है।

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