Homeअंतराष्ट्रीयशराब घोटाले की जांच के दौरान सीबीआई के डिप्टी लीगल एडवाईज़र की...

शराब घोटाले की जांच के दौरान सीबीआई के डिप्टी लीगल एडवाईज़र की मृत्यु होना और पुलिस द्वारा इसे आत्महत्या करार देने की जांच होनी चाहिए : हरी शंकर गुप्ता

भाजपा का शराब नीति का दिखावटी विरोध जनता को गुमराह करने के लिए और गुप्त डील के तहत मनीष सिसोदिया को बचाने का प्रयास हो रहा है। – कांग्रेस

नई दिल्ली, 2 सितम्बर, 2022 – दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय राजीव भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को पूर्व विधायक हरी शंकर गुप्ता ने संबोधित करते हुए कहा कि अरविन्द केजरीवाल सरकार द्वारा लागू नई शराब नीति में हुए हजारों करोड़ के घोटाले की सीबीआई जांच के दौरान सीबीआई के डिप्टी लीगल एडवाईज़र जितेन्द्र कुमार की मृत्यु को पुलिस द्वारा सीधे आत्महत्या घोषित करके मामले को दबाने के पीछे कहीं किसी का हाथ तो नही है? गुप्ता ने पूछा कि पुलिस ने पूरे मामले की हत्या के दृष्टिकोण से जांच क्यों नही कर रही, यह बड़ा सवाल है कि जब जितेन्द्र कुमार लटके मिले तब बिना पोस्टमार्टम और जांच किए आत्महत्या का एंगल दे रही है। संवाददाता सम्मेलन में कम्युनिकेशन विभाग के वाईस चेयरमैन परवेज आलम और अनुज आत्रेय भी मौजूद थे।

हरी शंकर गुप्ता ने कहा कि सीबीआई के लीगल एडवाईज़र जितेन्द्र कुमार की मृत्यु ऐसे वक्त हुई है जब सीबीआई द्वारा पूरे मामले को आने वाले दिनां में कोर्ट के समक्ष पेश किया जाना था। उन्होंने कहा कि जितेन्द्र कुमार डिफेंस कॉलोनी स्थित निवास पर अकेले रहते थे, डिप्रेशन में होने की खबर अपने आप में प्रश्न है, ऐसा क्या दवाब था, यदि पुलिस जांच करें तो आत्महत्या की वास्तविकता सामने आ जाऐगी। सीबीआई के कानूनी सलाहकार जितेन्द्र कुमार की मृत्यु कहीं व्यापम घोटाले से जुड़े लोगों की लगातार हुई मृत्यु जिनको पुलिस ने आत्महत्या बताया गया था। उन्होंने कहा कि दो दिन पहले ही सीरियल किलर की बात हुई थी, क्या जितेन्द्र कुमार की मृत्यु के मामले में भी कोई सीरियल किलर है।

हरी शंकर गुप्ता ने कहा कि दिल्ली कांग्रेस मांग करती है कि शराब घोटाले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो ताकि सीबीआई द्वारा की जा रही जांच प्रभावित ने हो। उन्होंने कहा कि शराब घोटाले के खिलाफ भाजपा पूरी दिल्ली में शराब नीति को बंद करने का विरोध शराब नीति बंद हो जाने के बाद कर रही है। भाजपा विधायक विधानसभा में चर्चा करने की बजाय बाहर रहकर केजरीवाल को मुक्त भाषण देने का अवसर दिया। उन्होंने कहा कि 5 दिवसीय विशेष सेशन का उपयोग शराब घोटाले से ध्यान भटकाने के लिए किया गया पूरे सेशन में दिल्ली के मुद्दो पर कोई चर्चा नही की गई।

हरी शंकर गुप्ता ने कहा कि शराब घोटाले में केजरीवाल सरकार और भाजपा दोनो बराबर के जिम्मेदार है। शराब घोटाले पर दोनो आपस में नूरा कुश्ती कर रहें है। उन्होंने कहा कि नई शराब नीति लागू होने के वक्त कांग्रेस की भांति यदि भाजपा भी सही नियत से केजरीवाल सरकार का विरोध करती तो मनीष सिसोदिया आज जेल में होते। परंतु भाजपा शराब घोटाले में खुद लिप्त है जिसका सबूत मध्य प्रदेश की ब्लैक लिस्टेड कंपनी सोम डिस्टिलिरिज़ ने भाजपा ने 2 करोड रुपये रिश्वत के रुप दिए। उन्होंने कहा कि कलयुगी ईमानदार केजरीवाल भ्रष्टाचार में लिप्त मनीष सिसोदिया और सत्येंन्द्र का इस्तीफा लें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

five × two =

Must Read