Friday, May 10, 2024
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दिल्ली तीसरे नंबर पर है और रिकवरी रेट भी सबसे कम है : मीनाक्षी लेखी

  • सोशल मीडिया पर दिल्ली सरकार की नाकाम स्वास्थ्य व्यवस्था की गवाही देते कई वीडियो जारी
  • समय पर बेड ना मिलने के अभाव में लोगों की मृत्यु हो गई है, बच्चे अपने माता-पिता के इलाज के लिए दर-दर भटक रहे हैं
  • यह हमारा कर्तव्य है कि हम दिल्ली सरकार को उनकी कमियों को बताएं ताकि समय रहते उसे ठीक किया जा सके
  • केजरीवाल सरकार द्वारा किया गया सबसे बड़ा धोखा है मोहल्ला क्लीनिक, जो जरूरत के समय बंद पड़े हैं

नई दिल्ली : भाजपा की राष्ट्रीय प्रवक्ता व नई दिल्ली से सांसद मीनाक्षी लेखी ने सोमवार को प्रदेश कार्यालय में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए दिल्ली सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं की कई पोल खोली। मीनाक्षी लेखी ने कहा कि दिल्ली में कोरोना के बढ़ते मामले को लेकर भी दिल्ली सरकार की ओर से समुचित व्यवस्था नहीं की गई। केजरीवाल सरकार द्वारा प्राथमिक चिकित्सा सुविधा देने के उद्देश्य के साथ खोले गए मोहल्ला क्लीनिक आज जरूरत के समय में बंद पड़े हैं। 90 से ज्यादा मेटरनिटी सेंटर भी बंद हो चुके हैं। दिल्ली में मेडिकल लेक्चरर की कमी है, जीबी पंत अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर बंद है, पीपीई किट की कमी है, ऐसे तमाम कमियों से दिल्ली की स्वास्थ्य व्यवस्था जूझ रही है। इस अवसर पर दिल्ली भाजपा प्रवक्ता हरीश खुराना व मीडिया प्रमुख अशोक गोयल देवराहा उपस्थित थे।

सांसद लेखी ने कहा कि अगर मोहल्ला क्लीनिक की व्यवस्था सही होती तो आज मोहल्ला क्लीनिक टेस्टिंग सेंटर के रूप में इस्तेमाल किए जा सकते थे। केजरीवाल सरकार के अस्पताल में 8000 बेड, होटल में 12000 बेड और बैंक्विट हॉल में 10000 बेड के इंतजाम के दावे भी खोखले निकले। केजरीवाल ने कोरोनावायरस के संक्रमण से निपटने के लिए 5-टी प्लान की घोषणा की, जिसके तहत टेस्टिंग, ट्रेसिंग, ट्रीटमेंट, टीमवर्क और ट्रैकिंग के जरिए संक्रमण को रोकने का भरोसा दिलाया लेकिन जमीनी स्तर पर कुछ भी लागू नहीं किया। टीम वर्क के नाम पर मुख्यमंत्री केजरीवाल द्वारा खानापूर्ति करने के लिए एक बैठक की गई जो बस दिखावे के लिए थी। जब दिल्ली में 100 से कम मामले थे तभी अगर ट्रैकिंग और ट्रेसिंग की गई होती तो आज हालात कुछ और होते। दिल्ली सरकार के अधीन आने वाले 38 अस्पतालों में से पांच अस्पतालों को कोविड-19 अस्पताल घोषित किया गया लेकिन हाईकोर्ट में दी गई जानकारी के अनुसार सिर्फ दो अस्पताल ही कोविड-19 अस्पताल के रूप में संचालित है। लेखी ने आरोप लगाया कि केजरीवाल सरकार द्वारा अस्पतालों में बेड की उपलब्धता की जानकारी के लिए जारी किए गए ऐप भी सही जानकारी देने में फेल है। पूर्व में भी कई बार दिल्ली सरकार द्वारा ऐसे ऐप लांच किए गए जो सही जानकारी देने के काम नहीं आए। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के जल्द स्वस्थ होने की कामना।


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