Homeताजा खबरेंदिल्ली के मजदूरों से माफी मांगें केजरीवाल सरकार: अशोक गोयल

दिल्ली के मजदूरों से माफी मांगें केजरीवाल सरकार: अशोक गोयल

  • बार बार झूठ बोल दिल्ली के मजदूरों को गुमराह करते रहे मुख्यमंत्री केजरीवाल
  • बिजली, पानी, भोजन आदि सुविधाएं फ्री हैं तो मजदूरों का क्यों हो रहा है पलायन
  • दिल्ली सरकार समय पर देती ध्यान तो नहीं सामने आती पलायन की शिकायते
  • मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की झूठ की दुकान की पोल खुल चुकी है

नई दिल्ली: दिल्ली भाजपा प्रदेश प्रवक्ता व मीडिया प्रमुख अशोक गोयल देवराहा ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की झूठ की दुकान की पोल खुल चुकी है। अगर समय रहते वो मजदूरों को राशन और खाना दे देते तो आज मजदूर पलायन को मजबूर नहीं होता। गोयल ने कहा मुख्यमंत्री हर मोर्चे पर विफल रहे है उनको दिल्ली के मजदूरांे से माफी मांगनी चाहिये। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के चलते जारी लाॅक डाउन-3 के दौरान दिल्ली में किराये पर रहने वाले बिहार, मध्य प्रदेश, उत्तप्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तराखंड, हरियाणा आदि प्रदेशों के लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है जिसके चलते मजदूर लोग पलायन को मजबूर हुए हैं।

दिल्ली भाजपा प्रदेश प्रवक्ता व मीडिया प्रमुख अशोक गोयल देवराहा ने कहा कि बहुत से मजदूरों की शिकायतें आ रही है कि दिल्ली सरकार कहती कुछ और करती कुछ और है। शनिवार को दिल्ली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री समय रहते इन प्रवासी मजदूरों पर ध्यान देते तो ऐसे हालात ही नहीं बनते। समय पर भोजन, राशन न मिलने और किराया चुकाने आदि समस्याओं को देखते हुए पिछले कुछ दिनों से पैदल, साईकिल व चोरी छुपे अपने प्रदेशों की तरफ जा रहे हैं।

प्रवक्ता गोयल ने कहा दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल दिल्ली में बिजली फ्री, पानी फ्री , बस यात्रा फ्री की बात करते है और कहते कि 10 लाख लोगों को दिन में और रात में दोनों समय खाना मुफ्त दिया जा रहा है और 2 करोड़ लोगो की दिल्ली में 70 लाख लोगों को राशन मुफ्त दिया जा रहा है। लेकिन इन सब के बावजूद भी एक तरफ बेबस, असहाय मजदूर दिल्ली से पैदल पलायन को मजबूर क्यों हैं। जबकि दूसरी तरफ मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल झूठ से भरे आत्मविश्वास के साथ दिल्ली तैयार है के नारे के साथ गरीब मजदूरों को चिड़ा रहे है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

five × five =

Must Read