Thursday, February 22, 2024
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पक्के मकान के लिए किसी के पांव पकड़ने पड़े, लेकिन आपको हर हाल में मकान दिलाऊंगा : केजरीवाल

  • मैं सभी 48 हजार झुग्गी वासियों को आश्वासन देता हूं, जब तक आपका बेटा, आपका भाई जिंदा है, आपकी झुग्गी को नहीं हटाया जाएगा
  • 48 हजार झुग्गियों में रहने वालों को जब भी हटाया जाएगा, उससे पहले हर झुग्गी वालों को पक्का मकान सुनिश्चित किया जाएगा
  • इसके लिए चाहे मुझे किसी के पांव पकड़ने पड़े, चाहे संघर्ष करना पड़े, लेकिन आपको मकान दिलाऊंगा
  • स्पेशल प्रोविजन एक्ट, ड्यूसीब एक्ट, ड्यूसीब पॉलिसी और ड्यूसीब प्रोटोकाॅल ऐसे चार कानून हैं, जो कहते हैं कि किसी भी झुग्गी वालों को हटाया जाएगा, तो पहले उसको पक्का मकान दिया जाएगा- श्री अरविंद केजरीवाल
  • पिछले 70 वर्षों में विभिन्न पार्टियों की सरकारों ने दिल्ली की प्लानिंग ठीक से नहीं की, उन्होंने गरीबों के लिए घर नहीं बनाए
  • जब तक कोरोना ठीक नहीं हो जाता, तब तक झुग्गी हटाने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाना चाहिए, कहीं ऐसा न हो कि यह इलाके कोरोना के हाॅटस्पाॅट बन जाएं
  • मुझे खुशी है कि केंद्र सरकार ने कोर्ट में पाॅजिटिव एफिडेविट दिया है, उसमें कहा गया है कि दिल्ली सरकार, रेलवे और अर्बन डेवलपमेंट मिनिस्ट्री, तीनों मिलकर अगले 4 हफ्ते में इसका समाधान निकालेंगे, इस मुद्दे पर राजनीति करने की बजाय सबको मिल कर काम करना चाहिए

नई दिल्ली : मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज सोमवार को दिल्ली विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान कहा कि मैं सभी 48 हजार झुग्गी वासियों को आश्वासन देता हूं कि जब तक आपका बेटा और आपका भाई जिंदा है, आपकी झुग्गी को नहीं हटाया जाएगा। जब भी झुुुग्गी हटाई जाएगी, उससे पहले आपको पक्का मकान मिलेगा। इसके लिए चाहे मुझे किसी के पांव पकड़ना पड़े, चाहे संघर्ष करना पड़े, लेकिन आपको हर हाल में मकान दिलाऊंगा। सीएम ने कहा कि केंद्र सरकार के स्पेशल प्रोविजन एक्ट, ड्यूसीब एक्टी, ड्यूसीब पॉलिसी और ड्यूसीब प्रोटोकाल चार कानून हैं, जो कहते हैं कि किसी भी झुग्गी वालों को हटाया जाएगा, तो पहले उसको पक्का मकान दिया जाएगा। पिछले 70 वर्षों में विभिन्न पार्टियों की सरकारों ने दिल्ली की प्लानिंग ठीक से नहीं की, उन्होंने गरीबों के लिए घर नहीं बनाए। साथ ही, जब तक कोरोना ठीक नहीं हो जाता, तब तक झुग्गी हटाने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाना चाहिए, कहीं ऐसा न हो यह इलाके कोरोना के हाॅट स्पाॅट न बन जाएं। सीएम ने यह भी कहा कि मुझे खुशी है कि केंद्र सरकार ने कोर्ट में पाॅजिटिव एफिडेविट दिया है, उसमें कहा गया है कि दिल्ली सरकार, रेलवे और अर्बन डेवलपमेंट मिनिस्ट्री, तीनों मिलकर अगले 4 हफ्ते में इसका समाधान निकालेंगे। यह भी एक ऐसा मुद्दा है, जिस पर हमें राजनीति करने की बजाय हम सबको मिल कर काम करना चाहिए।

मुख्यमंत्री केजरीवाल ने सदन में कहा कि यह आदेश हुआ है कि 48 हजार झुग्गियों को 3 महीने के अंदर तोड़ा जाए। मेरा अपना यह मानना है कि यह महामारी का दौर चल रहा है और इस महामारी के दौर में 48000 झुग्गियों को तोड़ना सही नहीं होगा, जब तक कोरोना ठीक नहीं हो जाता, तब तक इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाना चाहिए, नहीं तो कहीं ऐसा ना हो कि यही इलाके कोरोना के हॉटस्पॉट बन जाएं और केवल वही, नहीं वहां से कोरोना दिल्ली के बाकी हिस्सों में न फैलने लगे।

सीएम केजरीवाल ने कहा कि जब भी इनकी झुग्गियों को हटाया जाता है, झुग्गी हटाने से पहले इनको पक्का मकान मिलना चाहिए, यह सभी कानूनों के अंदर लिखा हुआ है। केंद्र सरकार का संसद द्वारा पारित किया गया स्पेशल प्रोविजन एक्ट, ड्यूसीब एक्टी, ड्यूसीब पॉलिसी और ड्यूसीब प्रोटोकाल, यह चार कानून ऐसे हैं, जो कि साफ-साफ यह कहते हैं कि किसी भी झुग्गी वालों को हटाया जाएगा, तो पहले उसको पक्का मकान दिया जाएगा। तीसरी बात, जो भी पक्का मकान मिले, वह वही होना चाहिए, जहां झुग्गी, वहीं मकान मिले। हमारी सरकार आने के बाद हमने ड्यूसीब पॉलिसी बनाई है और ड्यूसीब पॉलिसी के तहत हमने उनको अधिकार दे दिया है। अब यह हर झुग्गी वाले का कानूनी अधिकार है कि उसको उसके 5 किलोमीटर के दायरे के अंदर घर मिलेगा, यह ख्याल रखा जाएगा।

सीएम केजरीवाल ने कहा कि हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि झुग्गी में रहने वाले लोग दिल्ली की अर्थव्यवस्था में और दिल्ली की जिंदगी में बहुत अहम भूमिका निभाते हैं। अगर एक दिन के लिए दिल्ली के सभी नेता काम करना बंद कर दें, तो दिल्ली चल जाएगी। अगर एक दिन के लिए दिल्ली के सारे अफसर काम करना बंद कर दें, तो दिल्ली चल जाएगी, लेकिन अगर एक दिन के लिए दिल्ली के सारे झुग्गी वाले काम करना बंद कर दें, तो दिल्ली बंद हो जाएगी। इसलिए हमें उनकी, जो भूमिका है, उसको गौर करना चाहिए। आज उनकी यह स्थिति इसलिए हुई, क्योंकि 70 साल के अंदर जो विभिन्न पार्टियों की सरकार आई, उन्होंने दिल्ली की प्लानिंग ठीक से नहीं की या फिर जिन एजेंसी को प्लानिंग करनी थी, गरीबों के लिए घर बनाने थे, अगर हमारे इलाके में दूध वाला आएगा, सब्जी वाला आएगा, अखबार वाला आएगा, आया और नौकर आएगा, ड्राइवर आ जाएंगे, तो कहां रहेंगे, उनके रहने के लिए अलग-अलग एजेंसी ने 70 साल में घर नहीं बनाए। जिसकी वजह से दिल्ली के अंदर झुग्गियां फैलती गईं।

सीएम केजरीवाल ने कहा कि पक्का मकान उनका अधिकार है। पहली चीज कि झुग्गी तोड़ने से पहले उनको पक्का मकान दिया जाए, यह अलग-अलग कानूनों में है और जहां झुग्गी है, उसके 5 किलोमीटर के दायरे के अंदर उनको घर मिलना चाहिए, यह दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार ने पाॅलिसी के अंदर डाल दिया है। सीएम केजरीवाल ने कहा कि मैं आज सदन के माध्यम से सभी उन 48,000 झुग्गी निवासियों को आश्वासन देना चाहता हूं कि जब तक आपका यह भाई, जब तक आपका यह बेटा जिंदा है, आपको हम किसी भी हालत में उजड़ने नहीं देंगे। जब भी आप की झुग्गी को हटाया जाएगा, उससे पहले हम सुनिश्चित करेंगे कि आपको पक्का मकान दिया जाए और पूरा प्रयास करेंगे कि आसपास दिया जाए। इसके लिए मुझे किसी के पास जाकर गिड़गिड़ाना पड़े या किसी का पैर पकड़ना पड़े या चाहे मुझे किसी से लड़ना पड़े, संघर्ष करना पड़े, मैं आपको आपका यह हक दिलवा कर रहूं।

सीएम ने कहा कि या तो केंद्र सरकार आपको पक्का मकान दे देगी, नहीं तो फिर दिल्ली सरकार आपको पक्का मकान दे देगी। आज मैं यह आश्वासन दिल्ली के सभी झुग्गी वासियों को देना चाहता हूं। मुझे बेहद खुशी है कि केंद्र सरकार ने जो एफिडेविट कोर्ट में दिया है, केंद्र सरकार ने उसमें कहा है कि दिल्ली सरकार, रेलवे और अर्बन डेवलपमेंट मिनिस्ट्री, तीनों मिलकर अगले 4 हफ्ते के अंदर इसका समाधान निकालेंगे। मैं समझता हूं कि यह भी एक ऐसा मुद्दा है, जिस पर राजनीति न करने, क्रेडिट की लड़ाई न लेने की बजाय सबको मिल कर काम करना चाहिए, क्योंकि इसमें बहुत बड़ा काम है। इसमें बहुत सारे झुग्गी क्लस्टर शामिल हैं।

सीएम केजरीवाल ने कहा कि इसमें हमें कंप्रीहैंसिव प्लानिंग करनी पड़े, मान लीजिए कि कोई क्लस्टर है, तो हमें सबसे पहले उसके आसपास जमीन खोजनी पड़ेगी। वह जमीन दिल्ली सरकार की भी हो सकती है, डीडीए की भी हो सकती है, रेलवे की भी हो सकती है। इसलिए सभी को साथ आना पड़ेगा, अगर सारे लोग अच्छी नियत के साथ आकर काम नहीं करेंगे, तो यह प्रोजेक्ट कभी नहीं हो पाएगा। मुझे खुशी है कि आज जो एफिडेविट दिया गया है वह पॉजिटिव एफिडेविट है और सब लोग मिलकर केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार इसका समाधान निकालेंगे, ताकि हमारे 48000 गरीब भाई-बहनों को उनको अपना अधिकार मिल सके और उनको अपना घर मिल सके।

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