Tuesday, May 14, 2024
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एमसीडी के कंगाल होने की वजह दिल्ली वाले नहीं बल्कि भाजपा है : दुर्गेश पाठक

आप नेता दुर्गेश पाठक एक विधायक बन गये हैं तो बेहतर होगा वह अब परिपक्वता से काम करें: प्रवीण शंकर कपूर

  •  भाजपा की केंद्र सरकार के नुमाइंदे उप राज्यपाल का दिल्ली वालों को चोर कहना गलत, –  भाजपा की एमसीडी ने डेंगू की दवाई से लेकर कूड़े की सफाई, बच्चों की किताब खरीदने, हाउस टैक्स सहित हर काम में भ्रष्टाचार किया है – दिल्ली वाले दिन रात मेहनत करते हैं, बड़ी-बड़ी कोठियों में रहने वाले से लेकर अवैध कॉलोनियों और झुग्गियों में रहने वाले भी इमानदारी से टैक्स देते हैं – जब अरविंद केजरीवाल की सरकार बनी तब दिल्ली का बजट 25 हजार करोड रुपए था, 6 सालों के भीतर दिल्ली का बजट लगभग 70 हजार करोड रुपए हो गया है, यह पैसा दिल्ली वालों ने टैक्स के माध्यम से दिया है – उपराज्यपाल से अपील है कि भाजपा के कार्यकर्ता की तरह व्यवहार मत करिए, गैर जिम्मेदाराना बयान के लिए दिल्ली वालों से माफी मांगनी चाहिए

नई दिल्ली, 07 जुलाई, 2022: आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता दुर्गेश पाठक ने कहा कि भाजपा की केंद्र सरकार के नुमाइंदे उप राज्यपाल का दिल्ली वालों को चोर कहना गलत है। मसीडी के कंगाल होने की वजह दिल्ली वाले नहीं बल्कि भाजपा है। भाजपा की एमसीडी ने डेंगू की दवाई से लेकर कूड़े की सफाई, बच्चों की किताब खरीदने, हाउस टैक्स सहित हर काम में भ्रष्टाचार किया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली वाले दिन रात मेहनत करते हैं। बड़ी-बड़ी कोठियों में रहने वाले से लेकर अवैध कॉलोनियों और झुग्गियों में रहने वाले भी इमानदारी से टैक्स देते हैं। जब अरविंद केजरीवाल की सरकार बनी तब दिल्ली का बजट 25 हजार करोड रुपए था। 6 सालों के भीतर दिल्ली का बजट लगभग 70 हजार करोड रुपए हो गया है। यह पैसा दिल्ली वालों ने टैक्स के माध्यम से दिया है। उपराज्यपाल से अपील है कि भाजपा के कार्यकर्ता की तरह व्यवहार मत करिए। गैर जिम्मेदाराना बयान के लिए दिल्ली वालों से माफी मांगनी चाहिए

आम आदमी पार्टी के एमसीडी प्रभारी और विधायक दुर्गेश पाठक ने आज पार्टी मुख्यालय में महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता को संबोधित किया। दुर्गेश पाठक ने कहा कि दिल्ली के इतिहास का आज सबसे काला दिन होगा, जब दिल्ली के पहले नागरिक उपराज्यपाल ने दिल्ली वालों को चोर कहा है। एलजी ने अपने ट्वीट के माध्यम से कहा कि दिल्ली की एमसीडी को सबसे अमीर बनाया जा सकता है, अगर दिल्ली वाले इमानदारी से टैक्स दें तो। उप राज्यपाल का यह बहुत ही गैर जिम्मेदाराना बयान है। एलजी को इस तरह की बयानबाजी से बचना चाहिए। एलजी अभी नए है उनको दिल्ली वालों के बारे में नहीं पता है। हम दिल्ली वाले दिन रात मेहनत करते हैं। बड़ी-बड़ी कोठियों में रहने वाले से लेकर, अवैध कॉलोनियों और झुग्गियों में रहने वाले भी इमानदारी से टैक्स देते हैं।

उन्होंने कहा कि जब अरविंद केजरीवाल की सरकार आई तो दिल्ली का बजट 25 हजार करोड रुपए था। 6 सालों के भीतर दिल्ली का बजट लगभग 70 हजार करोड रुपए हो गया है। यह दिल्ली वालों ने किया है। हमने किसी राज्य-केंद्र सरकार और कही अन्य से एक रुपए कर्जा नहीं लिया है। यह पैसा दिल्ली वालों ने टैक्स के माध्यम से दिया है। दिल्ली का जो बजट इतना बड़ा बना है, वह दिल्ली वालों के टैक्स से बना है, क्योंकि दिल्ली वाले ईमानदार और मेहनती हैं। उपराज्यपाल ने यह कह दिया कि दिल्ली वाले चोर हैं और टैक्स नहीं देते हैं,‌ इसलिए पूरे देश के अंदर एमसीडी अमीर नहीं हो पा रही है।

उप राज्यपाल को एमसीडी के बुरे हालात की वजह बताते हुए दुर्गेश पाठक ने कहा कि इसके लिए दिल्ली वाले जिम्मेदार नहीं हैं। हम दिल्ली वाले तो उनको बहुत टैक्स देते हैं। लेकिन भाजपा की एमसीडी ने डेंगू की दवा 3600 रुपए किलो के हिसाब से खरीदी है। वहीं भोपाल की नगर निगम ने महज 2400 रुपए प्रति किलो के हिसाब से खरीदा है। भाजपा की एमसीडी ने 1200 रुपए प्रति किलो के हिसाब से भ्रष्टाचार किया है। कूड़े की सफाई के लिए ट्रोमा मशीन खरीदी गई जिसका बाजार भाव 17 लाख रुपए है, लेकिन भारतीय जनता पार्टी की एमसीडी उसी मशीन के लिए 19 लाख रुपए प्रति महीने के हिसाब से किराया दे रही है। 3 साल में करोड़ों रुपए का भ्रष्टाचार यहां पर हुआ है। बच्चों की किताब खरीदने में, हाउस टैक्स में भ्रष्टाचार हुआ है। भ्रष्टाचार की सूची तो बहुत लंबी हो जाएगी लेकिन अगर आप संवेदनशील हैं तो कमिश्नर से लेकर अन्य अधिकारियों से इसका पता कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की एमसीडी ने दिल्ली के गांधी मैदान पार्किंग, शिवा मार्केट की पार्किंग, कुतुब रोड पार्किंग, नोवेल्टी सिनेमा, नानी वाला बाग, मोती नगर का शॉपिंग कंपलेक्स, डिलाईट सिनेमा के पास 22 दुकान, संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर में 132 प्लॉट, करोल बाग के पांच शॉपिंग कंपलेक्स पार्किंग, शालीमार बाग के स्कूल की पार्किंग, 34 स्कूलों की बिल्डिंगों को कोचिंग सेंटरों, निजी अस्पतालों की खाली जमीन, दिल्ली की हेरिटेज बिल्डिंग टाउन हॉल, आरबीटीबी हॉस्पिटल की खाली जमीन को बेच दी है। जकि आप दिल्ली वालों को कह रहे हैं कि वह चोर हैं।

विधायक दुर्गेश पाठक ने कहा कि मेरी उपराज्यपाल से अपील है कि भाजपा के कार्यकर्ता की तरह व्यवहार मत करिए। आप को भगवान ने एक बड़े जिम्मेदार पद पर बैठाया है। आप दिल्ली के उपराज्यपाल हैं। भारतीय जनता पार्टी वाले दिन रात दिल्ली वालों को गाली देते हैं। उनको कहते हैं कि तुम्हारी झुग्गी, अवैध कॉलोनियों, बड़ी-बड़ी कोठियों के छज्जे तोड़ देंगे। अब आपने भी गाली देना शुरू कर दिया है और चोर कहना शुरू कर दिया है।

उन्होंने कहा कि दिल्ली में जो व्यक्ति रहता है वह कम से कम 12 से 14 घंटे रोजाना काम करता है। 8 से 10 घंटे तो नौकरी में लगाता है और 2 से 3 घंटे उस जगह पर पहुंचने में लगाता है। आप एक बार सुबह उठिए और लाव लश्कर से बाहर निकलिए। देखिए बस स्टैंड-मेट्रो में दिल्ली वाला खड़ा है। वह सिर्फ एक ही चीज आपसे चाहता है कि उसके घर के सामने का कूड़ा उठ जाए, उसकी नाली साफ हो जाए और वह जब हाउस टैक्स समय पर देने जाए तो उसको कोई दिक्कत ना आए। जब वह अपना घर बना रहा है तो बिल्डिंग का पैसा मांगने ना आए और आप उस दिल्ली वाले को चोर  कह रहे हैं। यह बहुत ही गैर जिम्मेदाराना बयान है, इसके लिए आपको दिल्ली वालों से माफी मांगने चाहिए। आप दिल्ली के उपराज्यपाल हैं। ऐसी भाषा आपको शोभा नहीं देती है। इस तरह की भाषा बिल्कुल भी इस्तेमाल नहीं करनी चाहिए। दिल्ली वाले यह बर्दाश्त नहीं करेंगे।


आप नेता दुर्गेश पाठक एक विधायक बन गये हैं तो बेहतर होगा वह अब परिपक्वता से काम करें: प्रवीण शंकर कपूर

उपराज्यपाल पर सवाल उठाने से पहले दुर्गेश पाठक पहले अपने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से पूछे कि उन्होंने कैसे कहा कि अब दिल्ली सरकार को नगर निगम को कोई फंड नहीं देना। सच यह है कि अभी भी दिल्ली सरकार को नगर निगम को ग्लोबल टैक्स शेयर देते रहना होगा, साथ ही सम्पति कर पंजीकरण शुल्क में से भी नगर निगम का हिस्सा देते रहना होगा। दुर्गेश पाठक ने आज झूठ कहा है कि उपराज्यपाल ने दिल्ली वालों को कर चोर कहा है जबकि उपराज्यपाल ने केवल यह कहा है कि बड़ी संख्या में सम्पतिकर दाता टैक्स समय पर नहीं देते, लोगों से इसे समयबद्ध करने के लिए सुझाव मांगे हैं।

उपराज्यपाल द्वारा जारी एक ग्राफिक से साफ है कि अगर हम सब सम्पति कर दाता समय पर टैक्स दें तो नगर निगम का बजट घाटा मात्र 2600 करोड़ रह जायेगा। यह एक प्रेरणादायक ग्राफिक है। हर दूसरे दिन आप नेता कहते हैं कि हमने दिल्ली के बजट को 25000 करोड़ से बढ़ा कर 70000 करोड़ रूपए का कर दिया है पर यह नहीं बताते कि यह मोदी सरकार द्वारा लागू जी.एस.टी. के कारण बढ़े रेवेन्यू से सम्भव हुआ है।

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