Homeताजा खबरेंअलीपुर में बच्चों के लिए एक आदर्श अत्याधुनिक एकीकृत परिसर की योजना...

अलीपुर में बच्चों के लिए एक आदर्श अत्याधुनिक एकीकृत परिसर की योजना विशेषज्ञों, वास्तुकारों और लोक निर्माण विभाग के परामर्श से विकसित की जा रही है : गहलोत

महिला एवं बाल विकास मंत्री कैलाश गहलोत ने अलीपुर में बच्चों (लड़कों) के लिए प्रस्तावित एकीकृत परिसर के निर्माण की प्रगति की समीक्षा की – महिला एवं बाल विकास मंत्री कैलाश गहलोत ने सभी चाइल्ड केयर इंस्टीटूशन्स, ऑब्जरवेशन होम्स और स्पेशल होम्स में सुविधाओं के आधुनिकीकरण पर दिया ज़ोर – मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के नेतृत्व में दिल्ली सरकार संस्थागत देखभाल गृहों में बच्चों के लिए सम्मानजनक, स्वस्थ और सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए कटिबद्ध है : कैलाश गहलोत

नई दिल्ली, 06 अक्टूबर 2022 : दिल्ली के महिला एवं बाल विकास मंत्री कैलाश गहलोत ने अलीपुर में बच्चों (लड़कों) के लिए प्रस्तावित एकीकृत परिसर के विकास की समीक्षा के लिए एक बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक के दौरान पीडब्ल्यूडी द्वारा एकीकृत परिसर की प्रारंभिक डिजाइन अवधारणा और लेआउट योजना प्रस्तुत की गई। एकीकृत परिसर को बेसमेंट प्लस चार मंजिला संरचना के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव है। कुल परिसर 8.44 एकड़ में फैला होगा और प्रस्तावित योजना का कुल निर्मित क्षेत्र 13643 वर्गमीटर है। (तहखाना: 3380 वर्गमीटर, भूतल: 2759 वर्गमीटर, पहली मंजिल: 2670 वर्गमीटर, दूसरी मंजिल: 2684 वर्गमीटर, तीसरी मंजिल: 2150 वर्गमीटर)। परिसर में कुल 200 बच्चों के रहने की उम्मीद है। परिसर को लिफ्टों, रैंपों और सुलभ शौचालयों के प्रावधान के साथ बनाया जाएगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह बच्चों के अनुकूल होने के साथ-साथ विकलांगों के अनुकूल भी हो। इसके साथ-साथ पुस्तकालय, खेल का मैदान और समर्पित भोजन क्षेत्रों की भी योजना बनाई जा रही है। बैठक के दौरान महिला एवं बाल विकास मंत्री कैलाश गहलोत ने अधिकारियों को एकीकृत परिसर के निर्माण की प्रक्रिया में तेजी लाने और परिसर के विनिर्देशों को जल्द से जल्द अंतिम रूप देने का निर्देश दिया।

इससे पहले 16 जुलाई 2022 को महिला एवं बाल विकास मंत्री कैलाश गहलोत ने ‘विश्व अंतर्राष्ट्रीय न्याय दिवस’ के अवसर पर संस्कार आश्रम परिसर, उत्तर पूर्वी दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में संस्थागत देखभाल की आवश्यकता वाले बच्चों के लिए एक अत्याधुनिक मॉडल एकीकृत परिसर विकसित करने के लिए विशेषज्ञों, वास्तुकारों और पीडब्ल्यूडी के परामर्श से एक योजना की घोषणा की थी। इसके बाद महिला एवं बाल विकास विभाग (डब्ल्यूसीडी) ने लोक निर्माण विभाग के साथ परामर्श से अलीपुर, उत्तरी दिल्ली में बच्चों (लड़कों) के लिए एक मॉडल एकीकृत परिसर के निर्माण के लिए एक योजना विकसित की।

महिला एवं बाल विकास विभाग के दिल्ली में कुल 99 बाल देखभाल संस्थान हैं। वित्तीय वर्ष 2021-22 में इन चाइल्ड केयर संस्थानों में कुल 7132 बच्चे थे। दिल्ली में सात स्थानों पर लाजपत नगर, हरि नगर, अलीपुर, किंग्सवे कैंप, दिल्ली गेट, मजनू का टीला और दिलशाद गार्डन में ऐसे सरकारी संस्थान हैं। दिल्ली में संस्थागत देखभाल घरों को अपग्रेड करने के उद्देश्य से अलीपुर में एक एकीकृत परिसर का निर्माण करने का प्रस्ताव है, जिसमें एक प्लेस ऑफ़ सेफ्टी, एक अवलोकन गृह, एक विशेष गृह, एक किशोर न्याय बोर्ड, एक प्रशासनिक इकाई, एक चिकित्सा इकाई, एक निर्धारित मानदंडों के अनुसार मानसिक स्वास्थ्य इकाई, आवास और एक पीडब्ल्यूडी कार्यालय होगा ।

महिला एवं बाल विकास मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा “वर्तमान संस्थानों की ढांचागत पर्याप्तता का पुनर्मूल्यांकन करने और वल्नरेबल बच्चों को इन सरकारी संस्थानों में सर्वोत्तम संभव सुविधाएं प्रदान करने में आ रही रुकावटों की पहचान करने की तत्काल आवश्यकता है। यह आवश्यक है की अपने परिवार में फिर से बहाल किये जाने तक इन संस्थानों में बच्चों के स्वास्थ्य, उनके सर्वांगीण विकास और कल्याण को सुनिश्चित किया जाए। “

महिला एवं बाल विकास मंत्री कैलाश गहलोत ने आगे कहा “बच्चों की बेहतरी सरकार के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है और अलीपुर में मॉडल कॉम्प्लेक्स का उद्देश्य वहां रहने वाले बच्चों की उपचारात्मक देखभाल और समग्र विकास के लिए एक सम्मानजनक और स्वस्थ वातावरण प्रदान करना है। सभी चाइल्ड केयर इंस्टीटूशन्स परिसर को संवर्धित सुरक्षा और सुरक्षा मानकों से सुसज्जित किया जाएगा। इन बच्चों की अशांत और वल्नरेबल पृष्ठभूमि को देखते हुए, परिसर हर समय चौबीसों घंटे स्टाफ सपोर्ट सिस्टम और चिकित्सा और मानसिक स्वास्थ्य सहायता इकाइयों से लैस रहेगा। इस मॉडल कॉम्प्लेक्स के निर्माण के मानदंड, परिसर के दृश्य सौंदर्यशास्त्र और वास्तुशिल्प डिजाइन का निर्णय बाल अधिकार विशेषज्ञों, वास्तुकारों, पीडब्ल्यूडी और प्रशासनिक विभाग, यानी महिला और बाल विकास विभाग के साथ परामर्श के बाद किया जा रहा है। मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के नेतृत्व में दिल्ली सरकार संस्थागत देखभाल गृहों में बच्चों के लिए सम्मानजनक, स्वस्थ और सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए कटिबद्ध है।”

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

fourteen − 9 =

Must Read