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नरेला, बवाना और तिमारपुर विधानसभाओं में लाभार्थियों के घर जाकर मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने औचक निरीक्षण किया

  • महिला एवं बाल विकास मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने आईसीडीएस योजना के लाभार्थियों के घर जाकर औचक निरीक्षण किया
  • बवाना और तिमारपुर के लाभार्थियों को तय मात्रा में राशन मिला, लेकिन नरेला विधानसभा में गर्भवती महिलाओं और बच्चों को नहीं मिल रहा तय मात्रा में राशन
  • मंत्री ने सभी आंगनवाड़ी केंद्रों का ऑडिट करने का आदेश दिया, रिपोर्ट आने तक सभी भुगतान रोकने के निर्देश

नई दिल्ली : महिला एवं बाल विकास मंत्री राजेन्द्र पाल गौतम ने औचक निरीक्षण की कड़ी में आज नरेला, बवाना और तिमारपुर विधानसभाओं क्षेत्रों में आईसीडीएस के तहत बांटे जाने वाले राशन की मात्रा और गुणवत्ता की जांच करने के लिए टार्ज़न कैंप, नरेला विधान सभा, रोहिणी सेक्टर 24 जेजे कॉलोनी बवाना विधानसभा और संजय बस्ती, तिमारपुर विधानसभाओं में लाभार्थियों के घर जाकर निरीक्षण किया। निरीक्षण का उद्देश्य इस योजना के कार्यान्वयन की जांच करना था, जिसके तहत घर ले जाने वाले राशन (टेक होम राशन) बच्चों और गर्भवती महिलाओं को आंगनवाड़ी वर्कर्स द्वारा वितरित किया जाना है।


मंत्री राजेन्द्र पाल गौतम ने कहा कि योजना के अनुसार, 1300 ग्राम दलिया,  260 ग्राम काले चने (कच्चे), 130 ग्राम गुड़ और 130 ग्राम भुने काले चने की मात्रा बच्चों को 13 दिनों के लिए वितरित किया जाना चाहिए। गर्भवती महिलाओं के लिए, 1690 ग्राम दलिया, 260 ग्राम काले चने (कच्चे), 130 ग्राम गुड़ और 130 ग्राम भुने काले चने का वितरण किया जाना चाहिए। निरीक्षण करने के दौरान पता चला कि रोहिणी सेक्टर 24 जेजे कॉलोनी बवाना और संजय बस्ती, तिमार पुर विधानसभा क्षेत्र में कोई अनियमितता नहीं है।  निर्धारित मात्रा में राशन इन घरों तक पहुंच रहा है। वहीं मंत्री राजेन्द्र पाल गौतम ने नरेला में जांच के दौरान पाया कि यहां निर्धारित मात्रा का केवल 15% राशन ही इन घरों तक पहुंच रहा है।


मंत्री राजेन्द्र पाल गौतम ने कहा कि जो राशन लाभार्थियों को वितरित किया जा रहा है, उसमें अनियमितता पाई गई है। हम लाभार्थियों के घर-घर जाकर निरीक्षण कर रहे हैं। मैंने सभी अंगनवाड़ी वितरण केंद्रों के ऑडिट के निर्देश दे दिए हैं, ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके। जो कोई भी दोषी पाया जाएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि यह कोई त्रुटि नहीं है। ऐसा लगता है कि यह जानबूझ कर किया जा रहा है। जब सरकार एक निर्धारित मात्रा में राशन उपलब्ध करवाती है, तो ऐसी अनिमियतता क्यूं? आपूर्तिकर्ता, गैर-सरकारी संगठन या कोई भी अधिकारी जों इस कार्य में दोषी पाया जाएगा, उसके ख़िलाफ़ सख़्त कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच तक सभी भुगतान भी रोक दिए जाने के निर्देश दिए हैं। 

गौरतलब है कि महिला बाल विकास मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने कल सीमापुरी विधानसभा के उन क्षेत्रों का औचक निरीक्षण किया, जहां महिलाओं ने राशन की निर्धारित मात्रा नहीं मिलने की शिकायत की थी। उन्होंने यह भी बताया कि ये शिकायतें दिल्ली के कई क्षेत्रों से आ रही थीं। यही वजह है कि उन्होंने खुद इसका निरीक्षणों को करने का फैसला किया।

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