Homeताजा खबरेंकेजरीवाल खुद कोई विभाग ना लेकर दिल्ली वालों की समस्याओं की जिम्मेदारियों...

केजरीवाल खुद कोई विभाग ना लेकर दिल्ली वालों की समस्याओं की जिम्मेदारियों से बचते रहते हैं : आदेश गुप्ता

26 करोड़ रुपये प्रदूषण की रोकथाम की जगह केजरीवाल ने अपना चेहरा चमकाने में उड़ा दिए- केजरीवाल ने पंजाब में पिछले 24 घंटों में 3634 पराली जलने की घटनाएं सामने आने के बाद भी चुप्पी साध रखी है-आदेश गुप्ता / सीएम भगवंत मान के ही विधानसभा में पिछले 24 घंटों में पराली जलाने की सैकड़ों घटनाएं मिली है – बायो डिकम्पोजर का प्रयोग हरियाणा में पांच लाख एकड़, उत्तर प्रदेश में 1.38 हजार एकड़, पंजाब 7500 एकड़ और दिल्ली में सिर्फ 80 एकड़ जमीन पर ही हो सका -प्रवेश साहिब सिंह

नई दिल्ली, 3 नवम्बर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने कहा है कि दिल्ली के लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है लेकिन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सिर्फ चुनावों में व्यस्त हैं। ऐसे में केजरीवाल सरकार से सवाल है कि क्या दिल्ली सरकार सिर्फ प्रचार के लिए है, क्या उसको सिर्फ टेक्स पेयर्स के पैसों को उड़ाने से मतलब है, क्या केजरीवाल को सिर्फ दूसरे राज्यों में चुनाव से मतलब है? उन्होंने आरोप लगाया कि केजरीवाल ने खुद किसी भी विभाग का कार्यभार नहीं लिया है ताकि दिल्लीवालों की समस्याओं को दूसरो पर डाल सके।

आज सांसद प्रवेश साहिब सिंह के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए आदेश गुप्ता ने कहा कि पहले जब दिल्ली में प्रदूषण बढ़ता था तो प्रतिदिन केजरीवाल प्रेसवार्ता कर पंजाब सरकार से सवाल करते थे, लेकिन अब प्रदूषण बढ़ रहा है तो आज अपनी स्वयं की सरकार आने के बाद प्रदूषण को लेकर कोई और बहाना बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन दिनों दिल्ली में हवा कम हो जाती है इसलिए पराली से निकलने वाले धुएं दिल्ली के अंदर प्रवेश करते हैं और फिर दिल्ली को गैस चैंबर बनाने का काम करता है। प्रेसवार्ता में प्रदेश प्रवक्ता अजय सहरावत उपस्थित थे।

आदेश गुप्ता ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा 1347 करोड़ रुपये दिए जाने के साथ ही पंजाब सरकार को प्रदूषण रोधी मशीनें भी दी गई, लेकिन जानकारी अनुसार अब वे सभी मशीनें गायब है। पिछले 24 घंटों में पंजाब में 3634 पराली जलाने की घटनाएं हुई है जबकि हरियाणा में 166 और उत्तर प्रदेश में 66 घटनाएं पराली जलाने की सामने आई है। आज दिल्ली का हर सातवां व्यक्ति सांस की बिमारी से परेशान है, हर दूसरे बच्चे के फेफड़े में दिक्कत आ रही है। उन्होंने कहा कि पिछले आठ सालों में केजरीवाल सरकार कोई समाधान नहीं निकाल पाई। ग्रेप टू नियम लागू होते ही हज़ारों लोग बेरोजगार हो जाते हैं, जिसके लिए जिम्मेदार अरविंद केजरीवाल सरकार कौन है? यह खेद का विषय है कि हज़ारों प्रदूषण रोधी मशीनें लापता है।

आदेश गुप्ता ने कहा कि किसानों की मदद करने के लिए केजरीवाल सरकार ने कोई काम नहीं किया। प्रदूषण के खिलाफ लड़ाई में 26 करोड़ रुपये खर्च करने के बाद केजरीवाल सरकार ने दिल्ली को गैस चैंबर बना दिया क्योंकि वे सारे पैसे केजरीवाल के चेहरे चमकाने के विज्ञापन पर उड़ा दिए। उन्होंने कहा कि आज केजरीवाल सरकार द्वारा प्रदूषण के विरुद्ध लड़ाई सिर्फ होर्डिंग्स और पोस्टरों में सीमित हो चुकी है। प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि दिल्ली में रहने वाले सभी व्यक्ति उस हवा को अपने अंदर ले रहे हैं जो 50 सिगरेट पीने के बराबर है। बच्चों की जिंदिगियों प्रति वर्ष दो साल छोटी होती जा रही है। आम आदमी पार्टी नेता गुजरात और हिमाचल की साफ हवा में घूम रहे हैं, लेकिन उनका कोई मंत्री या नेता इस जहरीली हवा में सांस नहीं ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि केजरीवाल कभी ऑड-इवन तो कभी लाल बत्ती पर गाड़ियां बंद करने जैसी दिखावटी बातें करते हैं जिसका धरातल पर कोई असर नहीं दिखा।

श्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि 100 बसें लेकर आने वाली केजरीवाल सरकार खुद ही कहती है कि दिल्ली में 12000 बसों की जरुरत थी। पंजाब सीएम भगवंत मान के विधानसभा क्षेत्र संगरुर में पराली की घटनाएं पिछले साल 1266 थी जो इस साल बढ़कर 3025 हो गई है। ऐसे में एक मुख्यमंत्री के विधानसभा में 139 फीसदी की बढ़ोतरी हो गई तो वे पूरे पंजाब में कैसे रोकथाम लगाएंगे। उन्होंने कहा कि पांच लाख एकड़ जमीन में हरियाणा ने बायो डिकम्पोजर का प्रयोग किया जबकि उत्तर प्रदेश 1.38 हजार एकड़ जमीन, पंजाब 7500 एकड़ जमीन और दिल्ली में 80 एकड़ में इस दवा का प्रयोग किया गया जबकि दिल्ली में लगभग 20,000 एक़ड़ जमीन है जहां खेती की जाती है। उन्होंने कहा कि प्रदूषण को रोकने के लिए दिल्ली में नगर निगम ने 4000 पार्क हरे भरे किए जबकि केजरीवाल सरकार ने एक भी पार्क अपने कार्यकाल में नहीं बनवाया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

1 × one =

Must Read