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एनडीएमसी ने पहले चरण में गाद निकालने का अपना अभियान पूरा किया : चहल

  • जल-जमाव को रोकने के लिए परिषद द्वारा छह नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए
  • पालिका परिषद क्षेत्र में 278 रेन वाटर हार्वेस्टिंग पिट बनाए गए हैं

नई दिल्ली, 13 जून 2022: नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) क्षेत्र में जलभराव को रोकने के लिए बरसात के मौसम से पहले तैयारियों के उद्देश्य से एनडीएमसी ने अपना प्रथम चरण का डी-सिल्टिंग अभियान पूरा कर लिया है। गाद निकालने का दूसरा चरण 15 जून, 2022 से शुरू किया जाएगा। एनडीएमसी के सदस्य कुलजीत सिंह चहल ने सोमवार को आयोजित एक प्रेसवार्ता के दौरान यह जानकारी दी। सदस्य चहल ने यह भी बताया कि एनडीएमसी ने अपने क्षेत्र में छह नियंत्रण कक्ष स्थापित किए हैं ताकि भारी बारिश के दौरान किसी भी तरह के जलजमाव को रोका जा सके। ये छह नियंत्रण कक्ष एनडीएमसी क्षेत्र में सांगली मेस, खान मार्केट, नेताजी नगर, मालचा मार्ग, मंदिर मार्ग और हनुमान रोड (ड्रेनेज सर्विस सेंटर) में स्थापित किए गए हैं।

सदस्य चहल ने कहा कि एनडीएमसी ने पांच संवेदनशील बिंदुओं की पहचान की है, जहां भारी बारिश के दौरान पानी के रुकने की संभावना अधिक रहती है। ये स्थान हैं- अफ्रीका एवेन्यू, बाबा खड़क सिंह मार्ग, पंचकुइयां रोड, पुराना किला रोड और लोधी एस्टेट। एनडीएमसी के कुल छह सौ कर्मियों को पानी को नियंत्रित करने के लिए सभी उपकरणों, स्थायी और पोर्टेबल पंपों के साथ तैनात किया गया है।

सदस्य चहल ने बताया कि एनडीएमसी क्षेत्र में 278 रेन वाटर हार्वेस्टिंग पिट बनाए गए हैं। हालांकि, इन वर्षा जल संचयन गड्ढों की गाद निकालने का काम 30 जून, 2022 तक पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि ये गड्ढे एनडीएमसी क्षेत्र में किसी भी जलजमाव की स्थिति को रोकने के साथ-साथ भूजल स्तर के उत्थान में भी बहुत मददगार साबित होंगे। एनडीएमसी में ड्रेनेज सिस्टम के महत्वपूर्ण स्टैटिक्स की रूपरेखा को देखते हुए सदस्य चहल ने कहा कि एनडीएमसी का कुल जलग्रहण क्षेत्र 42.74 वर्ग किलोमीटर है। यहां एक खुला खुशक नाला है जिसकी लंबाई 3 किलोमीटर है। एनडीएमसी क्षेत्र में 14 जल निकासी व्यवस्था है। मुख्य 9142 है और बेल मोथ और जीटी (गली ट्रेप/चैंबर) 15761 हैं।

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