Sunday, April 21, 2024
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हमारा मकसद दिल्ली को खूबसूरत बनाना है और इसके लिए सी एंड डी प्लांट बेहद जरूरी हैं : केजरीवाल

– अब दिल्ली होगी साफ, सीएम केजरीवाल ने किया देश का सबसे बड़ा कंस्ट्रक्शन एंड डिमोलिशन वेस्ट रिसाइक्लिंग प्लांट का उद्घाटन  – निर्माण व विध्वंस से निकले मलबे को इस प्लांट में टाइल्स, ईंट समेत अन्य उत्पाद बनाकर दोबारा इस्तेमाल किया जाएगा  –  अब जहांगीरपुरी समेत रानीखेड़ा, शास्त्री पार्क व बक्करवाला में चार सी एंड डी प्लांट हैं, जहां 5 हजार टन मलबा रोज रिसाइकिल होगा – दिल्ली में रोज 6500 टन मलबा निकलता है, इसके लिए ओखला में 1000 टन का एक और प्लांट लगाने के साथ मौजूदा प्लांट की क्षमता बढ़ाई जाएगी – एमसीडी में अब सबको समय से सैलरी मिलने लगी है और भ्रष्टाचार कम होने लगा है, क्योंकि अब ‘‘आप’’ की ईमानदार सरकार है – पहले कर्मचारियों को कई-कई महीने सैलरी नहीं मिलती थी और एमसीडी भ्रष्टाचार के लिए मशहूर हुआ करता था – एमसीडी-311 एप पर शिकायतें भेजें, यहां आने वाली 90-95 फीसद शिकायतों का तत्काल निस्तारण होता है – मेरी अपील है कि दिल्ली को साफ-सुथरा बनाने के लिए सभी दिल्लीवासी अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें- अरविंद केजरीवाल

नई दिल्ली, 08 अक्टूबर 2023

दिल्ली को मलबा मुक्त कर खूबसूरत बनाने की दिशा में एमसीडी की ‘‘आप’’ सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। रविवार को निर्माण व विध्वंस से निकलने वाले मलबे को रिसाइकल कर टाइल्स, ईंट समेत अन्य उत्पाद बनाकर दोबारा इस्तेमाल करने के लिए सी एंड डी वेस्ट रिसाइक्लिंग प्लांट की शुरूआत की गई। बतौर मुख्य अतिथि सीएम अरविंद केजरीवाल ने इस प्लांट का उद्घाटन किया। करीब 7 एकड़ में फैला यह प्लांट देश का सबसे बड़ा प्लांट है, जहां प्रतिदिन दो हजार टन सी एंड डी वेस्ट की रिसाइक्लिंग की जा सकेगी। सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हमारा मकसद दिल्ली को खूबसूरत बनाना है और इसके लिए सी एंड डी प्लांट बेहद जरूरी हैं। कंस्ट्रक्शन एवं डिमोलिशन से निकले मलबे को इस प्लांट में लाकर टाइल्स, ईंट समेत अन्य उत्पाद बनाए जाएंगे, जिसका दोबारा इस्तेमाल किया जा सकेगा। इस तरह दिल्ली को मलबे से भी छुटकारा मिल जाएगा। मेरी अपील है कि दिल्ली को साफ-सुथरा बनाने के लिए सभी दिल्लीवासी अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।

इससे पहले सीएम अरविंद केजरीवाल ने एमसीडी की मेयर डॉ. शैली ओबरॉय, विधायक एवं एमसीडी प्रभारी दुर्गेश पाठक, नेता सदन मुकेश गोयल और अफसरों के साथ सी एंड डी वेस्ट रिसाइक्लिंग प्लांट का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि यह प्लांट बहुत ही आधुनिक तकनीक पर आधारित है। दिल्ली भर से यहां मलबा लाया जाएगा, जिसे तोड़ा जाएगा और फिर रिसाइकिल कर टाइल्स, ईंट आदि का आकार देकर दोबारा इस्तेमाल किया जाएगा। जो मलबा दिल्ली को बदसूरत बनाता है, अब वही मलबा इस प्लांट से नए-नए आकार लेकर दिल्ली को खूबसूरत बनाएगा। इस दौरान सीएम ने प्लांट से बने टाइल्स, रोडी-बदरपुर, ईंट को भी देखा।

सीएम अरविंद केजरीवाल ने जहांगीरपुरी में सी एंडी वेस्ट रिसाइक्लिंग प्लांट का उद्घाटन कर कहा कि आज से जहांगीपुरी में कंस्ट्रक्शन एंड डिमोलिशन (सी एंड डी) वेस्ट रिसाइक्लिंग प्लांट शुरू हो रहा है। कोई नई बिल्डिंग बनती है या कोई बिल्डिंग डिमोलिश (विध्वंस) होती है तो उससे मलबा निकलता है। उस मलबे को हम सड़क के किनारे या खाली प्लाट में डाल देते हैं। जगह-जगह मलबा देखने को मिलता है। दिल्ली देश की राष्ट्रीय राजधानी है। हमारा मकसद है कि देश में दिल्ली सबसे खूबसूरत होनी चाहिए। अभी हम ये नहीं कह सकते हैं कि दिल्ली सबसे खूबसूरत शहर है। अभी दिल्ली में कई जगहों पर मलबे के ढेर देखे जाते हैं। दिल्ली को खूबसूरत बनाने की दिशा में इस तरह के सी एंड डी प्लांट बहुत जरूरी हैं। कंस्ट्रक्शन और डिमोलिशन से निकलने वाले मलबे को इस प्लांट में लाया जाएगा और उस मलबे से टाइल्स, ईंट आदि बनाकर वापस इस्तेमाल किया जाएगा।

सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में अभी करीब 6500 टन मलबा प्रतिदिन निकलता है। इस तरह का दिल्ली में यह चौथा प्लांट है। इस प्लांट के अलावा रानीखेड़ा, शास्त्री पार्क और बक्करवाला में है। इन चारों प्लांट में करीब 5000 टन मलबे को प्रतिदिन रिसाइकिल करने की क्षमता है। जबकि दिल्ली में कुल 6500 टन मलबा रोज निकलता है। इसके अलावा एक और प्लांट ओखला में बनाने का प्लांट है, जिसकी क्षमता एक हजार टन होगा। इसके अलावा मौजूद चारों प्लांट्स की थोडी क्षमता बढाई जाएगी। इसके बाद दिल्ली में निकलने वाले सारे मलबे की सी एंड वेस्ट रिसाइक्लिंब प्लांट में रिसाइक्लिंग हो जाएगी और उसका वापस इस्तेमाल होगा। इस तरह दिल्ली को मलबे से छुटकारा मिल जाएगा। दिल्ली में जितना मलबा निकलेगा, उसका प्लांट में रिसाइकिल होता जाएगा।सीएम ने बताया कि जहांगीरपुरी में स्थापित यह प्लांट यूरोपियन टेक्नोलॉजी पर आधारित है, जो सबसे आधुनिक टेक्नोलॉजी है। साथ ही यह प्लांट देश का सबसे बड़ा प्लांट है। इस प्लांट से बिल्कुल आवाज नहीं आती है। प्लांट के बिल्कुल पास आने पर भी इसकी आवाज नहीं सुनाई देती है। साथ ही धूल-मिट्टी भी नहीं उड़ती है।

सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जब से एमसीडी में आम आदमी पार्टी की सरकार बनी है, तब से अच्छी-अच्छी बातें सुनने को मिल रही हैं। एक साल पहले नगर निगम भ्रष्टाचार के लिए मशहूर हुआ करता था। सुनने में आता था कि सारे कर्मचारी अपनी सैलरी के लिए हड़ताल पर बैठे रहते थे। कई-कई महीने कर्मचारियों को सैलरी नहीं मिलती थी। बहुत बुरा हाल था। मैं ये नहीं कहूंगा कि एमसीडी में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद सब कुछ ठीक हो गया है। अभी सबकुछ ठीक होने में थोड़ा वक्त लगेगा। पिछले 75 साल में जो गड़बड़ हुई है, उसको ठीक करने में थोड़ा समय तो लगेगा। लेकिन अब एमसीडी से अच्छी खबरें आने लगी हैं। एमसीडी में भ्रष्टाचार कम होने लगा है। अब कर्मचारियों को समय पर सैलरी मिलने लगी है। अब सी एंड डी प्लांट बनने लगे हैं। क्योंकि अब एमसीडी में ईमानदार सरकार है। हम न तो पैसे खाते हैं और न पैसे खाने में हमारी दिलचस्पी है।

सीएम अरविंद केजरीवाल ने बताया कि जब एमसीडी में हमारी सरकार बनी, तो हमारे पास संदेश आने लगे। पहले सिस्टम बने रहते थे कि महीने के कितने रुपए जाएंगे। हमने मना कर दिया। दो-तीन महीने में सबको पता चल गया कि इनके यहां पैसे का सिस्टम नहीं है। इसलिए धीरे-धीरे पहले के बने सारे सिस्टम बंद होने लगे। सीएम अपनी नौकरी का उदाहरण देते हुए कहा कि मैंने 1995 में दिल्ली में इनकम टैक्स की नौकरी ज्वाइन की। जब मैं असिस्टंट कमिश्नर की कुर्सी पर बैठा, तो केस कराने आने वाले कहते थे कि सेवा बताइए। उसकी सेवा का मतलब ये था कि केस करने के कितने रुपए लेंगे। मैं कहता था कि मैं पैसे नहीं लेता हूं। इस तरह दो-तीन महीने में सबको पता चल गया कि मैं पैसे नहीं खाता। इसी तरह, 2015 में दिल्ली में सरकार बनी, तब दिल्ली में इसी तरह के संदेश आए, लेकिन हमने मना कर दिया। जब पंजाब में हमारी सरकार बनी तो वहां पर बड़े-बड़े माफिया हैं। वहां भी कई संदेश आए और हमने मना कर दिया। नगर निगम में ईमानदारी से काम होगा। सारी चीजें ठीक होंगी।

सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मेरा मकसद दिल्ली को साफ-सुथरा बनाने का है, ताकि दिल्ली साफ दिखे। इसके लिए पिछले कुछ महीने से नगर निगम ने अभियान भी चलाया है। एमसीडी ने एमसीडी-311 एप शुरू किया है। इस एप पर आने वाली 90-95 फीसद समस्याओं को तत्काल निस्तारण किया जाता है। इस एप को सभी लोग अपने मोबाइल में डाउनलोड करें। दिल्ली अकेले एमसीडी और दिल्ली सरकार से साफ नहीं होगी, बल्कि जब दिल्ली के दो करोड़ लोग मिलकर अपनी भागीदारी सुनिश्चित करेंगे तब दिल्ली साफ होगी। हम सभी को मिलकर दिल्ली को साफ करनी है और दिल्ली से भ्रष्टाचार दूर करना है।

– दिल्ली को कूड़ा मुक्त के साथ मलबा मुक्त भी बनाया जा रहा- डॉ. शैली ओबरॉय 
दिल्ली की मेयर डॉ. शैली ओबरॉय ने कहा कि सीएम अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में दिल्ली को कूड़ा मुक्त बनाने के साथ-साथ मलबा मुक्त भी बनाया जा रहा है। पूरी दिल्ली में सीएंडडी वेस्ट डालने के लिए स्थान चिन्हित किए गए हैं, जहां पर लोग मलबा डाल सकते हैं। इससे दिल्ली में अभी तक जो जगह-जगह मलबे के ढ़ेर दिखते हैं, वह नहीं दिखेंगे। साथ ही चिन्हित स्थानों पर मलबा डालने से प्रदूषण भी नहीं फैलेगा। उन्होंने कहा कि बुराड़ी में अत्याधुनिक तकनीक से युक्त सीएंडडी प्लांट बनाया गया है। वर्तमान में यह देश का सबसे बड़ा प्लांट है, जहां पर प्रतिदिन 2 हजार टन प्रतिदिन सीएंडडी वेस्ट का निस्तारण हो सकेगा। दिल्ली में जल्द एक और प्लांट स्थापित किया जाएगा।

– जहांगीरपुरी में स्थापित कंस्ट्रक्शन एंड डेमोलिशन वेस्ट रिसाइक्लिंग प्लांट के बारे में 
कंस्ट्रक्शन एंड डिमोलिशन वेस्ट प्रोसेसिंग सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट (एसडब्ल्यूएम) नियम 2016 भारत में सतत विकास, पर्यावरण संरक्षण और जिम्मेदार निर्माण के लिए महत्वपूर्ण है। इसका उद्देश्य संसाधन संरक्षण और मलबा के उचित निस्तारण को बढ़ावा देते हुए निर्माण और विध्वंस के पर्यावरणीय प्रभाव को कम करना है। दिल्ली में करीब 6000-6500 टन प्रतिदिन (टीपीडी) मलबा निकलता है। अभी दिल्ली में बुराड़ी के जहांगीरपुरी (2000 टीपीडी), रानी खेड़ा (1000 टीपीडी), शास्त्री पार्क (1000 टीपीडी) और बक्करवाला (1000 टीपीडी) में चार सी एंड डी वेस्ट रीसाइक्लिंग प्लांट हैं। इन प्लांट्स की करीब 5000 टीपीडी रिसाइक्लिंग की क्षमता है। इसके अलावा, एमसीडी थेखंड, ओखला में 1000 टीपीडी की क्षमता का एक और वेस्ट रिसाइक्लिंग प्लांट स्थापित करने की योजना है। इस प्लांट के चालू होने के बाद मलबे की रिसाइक्लिंग क्षमता दिल्ली में उत्पन्न होने वाले कुल मलबे के बराबर हो जाएगी।

प्लांट की खास विशेषताएं 
– यह प्लांट आउटपुट सामग्री के विभिन्न ग्रेड सुनिश्चित करने के लिए दुनिया की सबसे उन्नत तकनीक में से एक पर आधारित है। 
– यह तकनीक जीरो डिस्चार्ज और बेहद कम ध्वनि पैदा करता है। 
– यह प्लांट 90-95 फीसद वाटर रिसाइक्लिंग और वेस्ट वाटर के जीरो निर्वहन के साथ ग्रीन टेक्नोलॉजी पर आधारित है।
– प्लांट स्मार्ट और आईओटी से जुड़ा है और कमांड व कंट्रोल सेंटर के माध्यम से रिमोट मॉनिटरिंग, कंट्रोल करने में सक्षम है। 
– यह तकनीक आईएस 383/2016 में निर्धारित निर्देशों के अनुसार सी एंड डी को विभिन्न आकारों के रेत और एग्रीगेट में परिवर्तित करने में सक्षम है।
– टाइल्स, पेवर्स, सीसी ईंटें, ब्लॉक और कर्ब स्टोन जैसे उत्पादों को रिसाइकल्ड कर दोबारा उपयोग किया जाता है। 
– बुराड़ी के पास जहांगीरपुरी में देश का सबसे बड़ा कंस्ट्रक्शन एंड डिमोलिशन वेस्ट रिसाइक्लिंग एंड प्रोसेसिंग प्लांट 2009 में स्थापित किया गया था। प्लांट के चालू होने के बाद से यहां 60 लाख मीट्रिक टन सी एंड डी वेस्ट प्राप्त और प्रोसेस्ड किया गया है।

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