Wednesday, July 10, 2024
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दादरी संयत्र से 500 मेगावाट बिजली सप्लाई खत्म करके महंगी दरों पर बिजली खरीदने के पीछे केजरीवाल सरकार का क्या मकसद है : हारुन यूसूफ

केजरीवाल सरकार बिजली कम्पनियों की जगह सब्सिडी सीधे उपभोक्ताओं के बैंक खाते में हस्तांतरित करें- बिजली बिलों पर सरचार्ज में वृद्धि को वापस लेने की मांग को लेकर दिल्ली कांग्रेस के कार्यकर्ता कल मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे 

नई दिल्ली, 14 जुलाई, 2022 : दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय राजीव भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को आज दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री हारुन यूसूफ और कम्युनिकेशन विभाग के चैयरमेन एवं पूर्व विधायक अनिल भारद्वाज ने सम्बोधित किया व कम्युनिकेशन विभाग के वाईस चैयरमेन अनुज आत्रेय मौजूद थे। संवाददाताओं को सम्बोधित करते हुए हारुन यूसूफ ने कहा कि जो केजरीवाल डिस्कॉम, रिलायंस और टाटा पर आरोप लगाते थे कि इन्होंने दिल्ली को लूटने लिया है और बराबर सी.ए.जी. आडिट की मांग करते थे, सत्ता में आने बाद केजरीवाल ने सरकार और बिजली कम्पनियों के बीच काम करने वाले डिस्कॉम का वजूद खत्म करके बिजली दर बढ़ाने का अधिकार सीधा बिजली कम्पनियों को दे दिया जिससे दिल्ली की हालत बदहाल हो गई और उपभोक्ता पर लगातार बिजली बिलों का अतिरिक्त बौझ बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिजली बिलां पर सब्सिडी देने की बात करके अब केजरीवाल दिल्लीवालों की 200 यूनिट फ्री देने को पिछले रास्ते से योजना बना रहे है और पंजाब में 300 यूनिट फ्री देना दिल्लीवासियों के साथ धोखा है।

हारुन यूसूफ ने कहा कि दिल्ली सरकार की असंवेदनशीलता अथवा दवाब के कारण बिजली कम्पनियों के खातों का सी.ए.जी. द्वारा ऑडिट कराने का जज्मेंट 4 वर्षों से सुप्रीम कोर्ट में लंबित पड़ा है। प्रदेश कांग्रेस मांग करती है कि बिजली कम्पनियों के खातों की सच्चाई दिल्लीवालों के सामने लाने हेतू दिल्ली सरकार पहल करे ताकि ऑडिट का पेंडिग निर्णय सामने आए जिससे बिजली कम्पनियों का ऑडिट हो सके। यह भी मांग की कि सरकार सब्सिडी को बिजली कम्पनियों की जगह उपभोक्ताओं के बैंक खाते में सीधे हस्तांतरित किए जाए। उन्होंने कहा कि सरकार ने पिछले 6 वर्षों में बिना ऑडिट कराए 11743 करोड़ रुपये बिजली कम्पनियों को सब्सिडी के रुप में दिए है, जबकि बिजली कम्पनियों ने फिक्स चार्ज, पीपीएसी, रेगुलेटरी असेस्ट सरचार्ज, इलेक्ट्रीसिटी सरचार्ज व पेंशन ट्रस्ट के तहत 37227 करोड़ रुपये अतिरिक्त जनता से लूटे है।

हारुन यूसूफ ने कहा कि बढ़ती बिजली की मांग के बावजूद केजरीवाल सरकार ने 6 जुलाई 2015 को बिजली आपूर्ति को पूरा करने की जगह एनटीपीसी के दादरी संयत्र से 500 मेगावाट बिजली छोड़ने का अनुरोध केन्द्र सरकार से किया, जिस पर बिना विचार किए भाजपा सरकार ने दिल्ली को मिलने वाली 500 मेगावाट बिजली हरियाणा को दे दी। जबकि दादरी प्लांट से 2035 तक बिजली सप्लाई का एग्रीमेंट कांग्रेस सरकार ने किया था। उन्होंने कहा कि 14 अक्टूबर, 2021 व 6 जनवरी 2022 को डीईआरसी द्वारा एनटीपीसी को पत्र लिखकर आवंटन रद्द नही करने की बात कही थी फिरभी भाजपा ने अधिकार क्षेत्र का बहाना बना आवंटन दिल्ली से छीन कर दिल्ली से छीन लिया।

उन्होंने कहा कि केजरीवाल सरकार ने दादरी संयत्र से 500 मेगावाट बिजली खत्म करके दिल्ली की बिजली आपूर्ति करने के लिए अडानी पावर से मंहगे दर खरीद रही है जिसको बिजली कम्पनियां 11-12 रुपये एक किलोमेगावाट की दर से खरीद रही है। मई महीने में 29 मिलियन यूनिट खरीदी और जून में 27 मिलियन यूनिट खरीद कर उपभोक्ताओं को महंगी दरों बिजली मिलेगी। उन्होंने कहा कि दादरी संयत्र से बिजली 4.81 रुपये प्रति किलोवाट खरीदी जाती थी। उन्होंने कहा कि दादरी संयत्र की साजिश करके इसके बदले दूसरी कम्पनियों से मंहगी बिजली खरीदकर जनता को लूट रहे है।

हारुन यूसूफ ने कहा कि केजरीवाल सरकार की गलत नीतियों के कारण आज दिल्ली की जनता जून महीने में बिजली बिलों पर 16.18 प्रतिशत सरचार्ज के रुप में वसूल रही थी अब बिजली कम्पनियों की मनमानी के द्वारा जुलाई के महीने के बिलां पर 22 प्रतिशत सरचार्ज लिया जाऐगा जिसमें पेन्शन ट्रस्ट के नाम पर केजरीवाल सरकार 7 प्रतिशत ले रही है। जबकि कांग्रेस सरकार ने डिस्काम को पेन्शन ट्रस्ट के नाम पर 400 करोड रुपये और 225 करोड़ रुपये एनडीपीएल ने दिए थे और बिजली कम्पनियों ने 2018-2021 के दौरान पेन्शन के नाम पर 2677 करोड़ रुपये अर्जित किए है। उन्होंने कहा कि दिल्ली कांग्रेस मांग करती है। कि बिजली कम्पनियों द्वारा पीपीएसी चार्ज के नाम पर लूट बंद करके दिल्ली सरकार तुरंत प्रभाव से सरचार्ज में वृद्धि को वापस ले।

पूर्व विधायक अनिल भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष चौ0 अनिल कुमार के नेतृत्व में बिजली कंपनियों द्वारा बिजली खरीद समझौते की लागत (पीपीएसी) में 2 से 6 फीसदी की बढ़ोतरी के विरोध में कल (शुक्रवार) 15 जुलाई को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सिविल लाइंस स्थित आवास का घेराव करेंगे। उन्होंने कहा कि अगर पीपीएसी दरों में बढ़ोतरी को तुरंत वापस नहीं लिया गया तो कांग्रेस आंदोलन जारी रखेगी।

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