Homeअंतराष्ट्रीयदिल्ली सरकार दंगा पीड़ितों से क्यों कर रही है भेदभाव: मनोज तिवारी

दिल्ली सरकार दंगा पीड़ितों से क्यों कर रही है भेदभाव: मनोज तिवारी

  • सांसद मनोज तिवारी ने बाबरपुर विधानसभा क्षेत्र के मोहनपुरी मौजपुर और नूर ए इलाही क्षेत्र का किया दौरा
  • दौरे के दौरान पीड़ित परिवारों से मिले, दिल्ली के मुख्यमंत्री से पूछे सवाल
  • जब मुख्यमंत्री दिल्ली के तो व्यस्वथा में तेरा वोट मेरा वोट का मानदंड क्यों

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और उत्तर पूर्वी दिल्ली से सांसद मनोज तिवारी ने शुक्रवार को मीडिया में छपी खबरो और कार्यकर्ताओं द्वारा क्षेत्र के दर्जनों घरों द्वारा सामूहिक प्रवास करने के लिए मकान बेचने के लिए आवेदन करने की सूचना देने के बाद तुरंत संज्ञान लेते हुए पुलिस अधिकारियों और पार्टी पदाधिकारियों के साथ बाबरपुर विधानसभा क्षेत्र के मोहनपुरी मौजपुर और नूर ए इलाही क्षेत्र का दौरा किया और लोगों से समस्याएं सुनी और उन्हें पूरी सुरक्षा और न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया। तिवारी ने घर-घर जाकर लोगों का दर्द सुना।

मनोज तिवारी ने कहा कि मैं वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से तुरंत मुलाकात कर क्षेत्र में शांति और सुरक्षा के साथ भय मुक्त समाज के लिए वातावरण तैयार करने की पहल करुंगा और नियमित क्षेत्र में आकर उन परिवारों से मिलूंगा जो असुरक्षा का वातावरण महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं क्षेत्र में यह सुनिश्चित करके ही दम लूंगा कि किसी निर्दोष को सजा ना मिले और कोई दोषी बक्सा ना जाए तेरा वोट मेरा वोट की भावना भारतीय जनता पार्टी की कार्य संस्कृति में नहीं है। हम क्षेत्र में ऐसे वातावरण का निर्माण करेंगे कि असामाजिक कानून  से डरे और आम शहरी सुरक्षा की भावना के साथ स्वाभिमान से सिर उठाकर क्षेत्र के किसी भी गली किसी भी मोहल्ले में रह सके।

 मनोज तिवारी ने बताया कि गुरूवार रात ही जानकारी मिली थी कि इन क्षेत्रों में लोगों ने अपने घरों के बाहर प्रायोजित सांप्रदायिक दंगों के बाद भय और असुरक्षा के कारण पोस्टर चिपका दिए हैं कि वह अपना मकान बेचना चाहते हैं रात को मिली जानकारी के बाद सुबह सांसद मनोज तिवारी ने पुलिस अधिकारियों के साथ संबंधित क्षेत्रों का रुख किया इस अवसर पर उनके साथ भारतीय जनता पार्टी नवीन शाहदरा के जिला अध्यक्ष कैलाश जैन, उत्तर पूर्वी जिला के अध्यक्ष और विधायक अजय महावर, भाजपा नेता डॉ यूके चौधरी, वीरेंद्र खंडेलवाल, संदीप चौधरी, मिथिलेश पांडे,  संदीप त्यागी, ओम चौधरी, निगम पार्षद प्रमोद गुप्ता, मीडिया विभाग के प्रदेश सह प्रभारी नीलकांत बक्शी, सह प्रमुख आनंद त्रिवेदी और स्थानीय सहायक पुलिस आयुक्त एवं आसपास थाना क्षेत्रों के थाना प्रभारियों सहित कई अधिकारियों की मौजूदगी थी।

क्षेत्र का दौरा करने के बाद सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि जिस तरह एनआरसी के विरोध के नाम पर दिल्ली को सांप्रदायिक दंगों आग में धकेलने का काम सुनियोजित तरीके से कुछ देश विरोधी लोगों द्वारा किया गया और उसके बाद वहां के स्थानीय विधायक जो दिल्ली सरकार में मंत्री भी हैं और अन्य उनके जनप्रतिनिधियों द्वारा समुदाय विशेष को खुश करने के लिए तेरा वोट मेरा वोट की राजनीति की उस अनदेखी से निराश और दंगे के बाद साजिश से भयभीत लोगों की पीड़ा सामने आईं। क्षेत्र के पीड़ित लोगों ने जानकारी दी कि दंगे के बाद राहत के नाम पर जिस तरह भेदभाव किया गया और साजिश कर झूठे मुकदमे दर्ज कराए गए और लोगों को फंसाया गया। वह निंदनीय और दुखद है।

मनोज तिवारी ने पत्र लिखकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से पूछा कि जब दिल्ली ने आप को जनमत दिया। आप की सरकार बनाई तो मुख्यमंत्री बनने के बाद समाज में नफरत की दीवार खड़ी करने का यह तरीका समझ से परे है। दंगों में सभी पीड़ित हुए हैं लेकिन मुआवजे के नाम पर दोहरा मानदंड क्यों। प्रायोजित दंगों में हाथ किसी का भी रहा हो यह जांच का विषय है, लेकिन जख्मों पर मरहम लगाने में दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार चेहरा और नाम पूछ कर भेदभाव क्यों कर रही है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि उस क्षेत्र में गस्त बढ़ाई जाए ताकि भय मुक्त वातावरण बन सके। 

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