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कांग्रेस ने पहले ही कहा था कि नई आबकारी नीति बहुत बड़ा घोटाला है : अनिल

  • केजरीवाल सरकार घोटाला करती रही, भाजपा के नेता मौन रहे
  • नई आबकारी नीति को लेकर कांग्रेस ने आप और भाजपा पर साधा निशाना

नई दिल्ली, 24 अगस्त 2022: दिल्ली सरकार की नई आबकारी नीति को लेकर कांग्रेस ने लगातार इस विषय पर, जहाँ संघर्ष कर रही थी, जैसा मैंने कहा दर्जनों धरना हो, प्रदर्शन हो, प्रेस वार्ता हो, उसके माध्यम से संघर्ष कर रही थी, वहाँ भाजपा के कुछ शूरवीर मौन बनकर बैठे रहे। क्योंकि जो विषय मैं अब आपके सामने रखना चाहता हूँ, ये विषय भाजपा को भी आपके समक्ष उनकी कथनी और करनी का जो फर्क है, वो रखना बहुत आवश्यक समझता हूँ। दिल्ली के द्वारा जब नशे की राजधानी सरकार के द्वारा और अरविंद के द्वारा बनाई जा रही थी, एक नई पहचान दी जा रही थी, तो भाजपा भ्रष्टाचार में भागीदार बन चुप बैठे थे, इसलिए मैंने पिछली प्रेस वार्ता में भी कहा था कि 8 विधायक, 7 सांसद, 150 से ज्यादा पार्षद दिल्ली प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष, पूरा संगठन मौन बनकर चुप रहे।

चौधरी अनिल कुमार ने कहा कि 18 विधानसभा क्षेत्र ऐसे हैं, जो नॉन कन्फॉर्मिंग एरिया थे, वहाँ लगभग 134 दुकानें खोली गईं। इस नॉन कन्फॉर्मिंग एरिया को लेकर हम हरदीप पुरी, जो भाजपा से ही मंत्री हैं, उनसे भी मिले, ये हमारा प्रयास है, जो दिखाता है कि इस दिल्ली के लिए हम कितने चिंतित थे। लेकिन न भाजपा का नेता विपक्ष मिला, न सांसद मिले, न विधायक मिले कि नॉन कन्फॉर्मिंग एरिया में दारू की दुकानों के ठेके क्यों खोले जा रहे हैं? वहाँ पर दिल्ली के महापौर और भाजपा के लगभग 150 से ज्यादा पार्षद पैसा लेकर वहाँ एमसीडी से लाइसेंस दिलवाने का काम कर रहे थे, ये मैं कहना चाहता हूँ।

चौधरी अनिल कुमार ने कहा कि एमसीडी, डीडीए मिलकर 134 से ज्यादा दुकानें नॉन-कोन्फ़ोर्मिंग एरिया में खोलती हैं, और जब बात खुलती है, पोल खुलती है, तो जांच की तरफ जब आगे चीजें बढ़ती हैं, तो उन पर जाकर रोक लगती है और मास्टर प्लान की जिस तरह से धज्जियाँ उड़ाई गई, वो सबने देखा है। इसकी शिकायत हम लोगों ने लिखित रुप में जाच एजेंसी को भी दी, जो मैंने आपको पूर्व में दिखाई। कांग्रेस पार्टी सड़कों पर आंदोलन कर रही थी। भाजपा के सांसद अपने गाने की रिकॉर्डिंग में बिजी थे। एक क्रिकेटर क्रिकेट मैच के दौरान लाइव कमेंट्री और मध्य प्रदेश के अंदर जलेबी का लुत्फ ले रहे थे। हंसराज हंस की चार लाइन हैं, दिल्ली में चोरी साडा हो गया, ओए की करिए, की करिए, दिल्ली नशे में टल्ली हो गया, गाना गुन-गुना रहे थे, साहब। कहाँ हैं वो सिंगर साहब? मुझे लगता है, वो भी उसी में बिजी हैं। बाकी के लोग आज तक लापता हैं। दिल्ली की एकमात्र महिला सांसद ने आज तक चुप्पी नहीं तोड़ी है कि दिल्ली के अंदर शराब माफिया, जब दिल्ली को कब्जा रहे थे, तो वो कहाँ थीं? जिनका नाम मीनाक्षी लेखी महोदय है।

मास्टर प्लान को लेकर मैंने बताया और भाजपा की कथनी-करनी का मैंने बताया, जन-जागरण का जिक्र मैंने किया। सवाल इस बात का है कि हम शिकायत लिखते हैं औऱ भाजपा के शूरवीर जो आजकल डिबेट में उतरे हुए हैं, लगातार बयानबाजी कर रहे है, पूरी तरह से सोए हुए थे, नींद में थे। तो कांग्रेस का जो सड़कों का संघर्ष रहा साथियों, जो शिकायत रही। हम लोग 3 जून, 2022 को शिकायत करते हैं, जब सड़क के संघर्ष से इनकी नींद नहीं टूटती है और ये लोग इस पर संज्ञान नहीं लेते, तानाशाही रवैया अपनाते हुए इस पूरा आबकारी नीति को थोपने का काम करते हैं तो हम शिकायत लेकर दिल्ली के तत्कालीन पुलिस कमिश्नर राकेश अस्थाना के कार्यालय जाते हैं। उसके बाद यदि आप देखें, 8-7-2022, यानि लगभग एक महीने बाद चीफ सेक्रेटरी साहब रिपोर्ट देते हैं। 20/07/2022 को एलजी साहब सीबीआई जाँच की अनुशंसा करते हैं, ये दर्शाता है, साथ ही इससे पहले यदि संघर्ष किसी ने किया था, तो कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने किया, कांग्रेस पार्टी ने किया।

उन बहनों ने, जो आवाज हम तक पहुंचाई कि जिन चौक-चौराहों पर स्कूल की बसें रुकती है, वहाँ पर शऱाब की दुकानें खोली जा रही हैं, उनका विरोध हम करते हैं। विरोध के स्वरूप महिलाओं पर लाठी भांजी जाती हैं, बाउंसरों से पीटा जाता है, ये पूरी दिल्ली ने माहौल देखा है। अब जो बात करते हैं न्यूयार्क टाइम्स की, मैं सवाल पूछना चाहता हूँ, दिल्ली की सड़कों पर नित नए दिन, लंबी-लंबी सड़कें, लंबी-लंबी लाइनें लगी हुई हैं, शराब की, डिस्काउंट की। लोग अपने सिरों पर, कंधों पर दो-दो पेटियां ले जाते हुए नजर आते हैं, क्या ये कानून का उल्लंघन नहीं था? क्या दिल्ली के लोगों को मजबूर अपराधी बनाने की साजिश नहीं थी। जो घर में दो-चार लीटर से ज्यादा शराब नहीं रख सकता, उन लोगों को आपने दो-दो, तीन-तीन पेटियाँ अपने घर में रखने के लिए, कानून तोड़ने के लिए विवश कर दिया, क्या ये अपराध नहीं था?

साथियों, इसलिए आज मैं जो आपके सामने बात रख रहा हूँ, मैंने उस दिन भी कहा था, भ्रष्टाचार भाजपा की मनी ट्रेल का मैंने जिक्र किया। मध्य प्रदेश की एक सोम ग्रुप की जो कंपनी है, जिसके मालिक जेके अरोड़ा साहब हैं, उसका मैंने जिक्र किया, हालांकि दो दिन से भाजपा प्रवक्ता आजकल उसका नाम नहीं ले रहे हैं। जब उनको पता चला है कि भाजपा के खाते में व्हाइट का पैसा डाला है, लगभग दो करोड़ रुपए और ये उस वक्त डाला है, जब ये नीति यहाँ बन रही थी, वो प्रश्न मैं आज फिर दोहरा रहा हूँ। 28/07/2020 को एक करोड़ रुपए, 30/10/2020 को 50 लाख रुपए 21/12/2020 को फिर 50 लाख रुपए, ये भाजपा के सीधे अकाउंट में सोम ग्रुप ने पैसा दिया है, ये पक्के का पैसा है, इसलिए 72 घंटे बाद तक भाजपाई के जो शूरवीर है, अपना मुंह नहीं खोल रहे है, मुंह पर टेप लगा हुआ है, जवाब नहीं देते कि ये पैसा किसलिए आया, ये पैसे का लेनदेन जो हुआ?

चौधरी अनिल कुमार ने कहा कि अब सवाल आज के उस मेन बिंदु का है, कल साथियों एक खबर लगी है, वो खबर मैं आपको दिखा रहा हूँ, ये इंडियन एक्सप्रेस की खबर है और जो मैंने आपके सामने बात रखी, कि ये एक कंप्लेन, ये शिकायत, ये लड़ाई कांग्रेस के कार्यकर्ता, दिल्ली की जनता की लड़ाई थी, जो हम लड़ रहे हैं। इस खबर के अनुसार कांग्रेस अध्यक्ष जो कि मेरा नाम इसमें मेंशन है, कांग्रेस की शिकायत पर ईओडब्ल्यू ने, जो कंप्लेन पर जांच करनी शुरु की थी, जिसके दस्तावेज दिल्ली सरकार से मांगे गए थे, आज ईओडब्ल्यू के इस जांच को बंद करने की एक सूचना इंडियन एक्सप्रेस में छपी है, और इसमें ये रिपोर्ट है, महेन्द्र सिंह मंदराल की, ये खबर है। कई और समाचार पत्रों ने भी छापी लेकिन इसमें कांग्रेस का जिक्र है, कि ईओडब्ल्यू इस जांच को बंद करने जा रही है।

चौधरी अनिल कुमार ने कहा कि सवाल ये है साथियों, ये ईओडब्ल्यू में जो कंप्लेन है, वो जिसके खिलाफ हुई है, वो भी एक भाजपा के तथाकथित मित्र, दीप मल्होत्रा और उनकी कंपनी ओएसएस ग्रुप, जिसको लेकर हम पहले एक कार्टेल जो तैयार हुआ, जिस तरह से महेंद्रू परिवार ने और बालाजी ग्रुप ने कार्टेल बनाकर दिल्ली शहर को खरीदने का काम किया, वही काम ओएसएस ग्रुप ने एक कार्टेल बनाकर दिल्ली को खरीदने का काम किया और उसकी शिकायत हमने की थी, उस पर जांच चल रही है, लेकिन उस जांच को बंद करने की खबर आ रही है। सवाल ये उठता है  दीप मल्होत्रा कौन है? दीप मल्होत्रा अकाली दल का पूर्व विधायक है, दीप मल्होत्रा का जो ओएसएस ग्रुप है, ये शराब का उत्पादक भी है और विक्रेता भी है दिल्ली में। इसमें भी सेम कानून की धज्जियाँ उड़ाई गई हैं, हालांकि इस रिपोर्ट में पूरी तरह से क्लियर कहा गया है कि सेम एलीगेशन्स, सेम आरोप इस तरह की जो हम जांच कर रहे हैं, इसमें भी वही हैं, तो सीबीआई जांच कर रही है, तो इसको बंद कर दिया जा। अरे भाई, बंद क्यों कर दिया जाए?

चौधरी अनिल कुमार ने कहा कि सीबीआई की कहीं किसी एफआईआर में दीप मल्होत्रा का नाम नहीं है। सीबीआई की एफआईआर में सोम ग्रुप का नाम नहीं है। क्यों नहीं है? ये जवाब भाजपा क्यों नहीं देती? क्या वाकई सीबीआई का अब दुरुपयोग करने की कोशिश तो नहीं की जा रही है? क्या भाजपा के मित्रों को बचाने की कोशिश तो नहीं की जा रही है? वरना सोम इंडस्ट्री, सोम डिस्टलरी, जो ये भी उत्पादक है, फुटकर विक्रेता दिल्ली में है, वही अपराध, वही कार्टेल ओएसएस ग्रुप के दीप मल्होत्रा, पंजाब के विधायक का भी रहा है, जिसका पंजाब चुनाव में आम आदमी पार्टी की फंडिंग को लेकर बड़ें संगीन आरोप हैं। तो जो व्यक्ति आम आदमी पार्टी औऱ भाजपा को चंदा देता हो, आज वो दोनो ग्रुप चंदा देने वाले ग्रुप कहें, या मनी ट्रेल कहें, या रिश्वत देने वाले कहें, वो दोनों ग्रुप सीबीआई की जांच से बाहर क्यों हैं।

चौधरी अनिल कुमार ने कहा कि इस पर मैं समझता हूँ कि भाजपा को जवाब देना चाहिए और ये जो मेरा पुराना प्रश्न था, उसमें ये प्रश्न मैं फिर से जोड़ रहा हूँ कि ओएसिस ग्रुप की जो जांच चल रही है, ओएसिस ग्रुप की दो कंपनी है, नोवा गारमेंट्स और ओरिजिन एप्लाइंसेस, ये शैल कंपनी हैं, जिनको यहाँ काम मिला। तो साथियों, मेरा दिल्ली पुलिस से ये आग्रह रहेगा, हालांकि इसको लेकर मैं दिल्ली पुलिस कमिश्नर साहब से मैं पुनः मिलूँगा कि इस जांच को बंद न किया जाए। यदि आवश्यक है तो इस जांच को ट्रांसफर किया जाए, सीबीआई को सौंपा जाए। अब तक के जो दस्तावेज हैं, प्रथम दृष्टि में जो जांच हुई है, उसको बंद न करके सीबीआई को सौंपा जाए और ये दोनों कंपनियों के नाम भी इसमें सम्मिलित किए जाएं, ये हमारी मांग रहेगी।

चौधरी अनिल कुमार ने कहा कि इस प्रेस वार्ता में जो मैंने आपको बताया। उस दिन भी मैंने आपसे बात कही थी कि भाजपा ने खुद माना है, ये भाजपा का खुद का दस्तावेज है, जिन्होंने इलेक्शन आयोग को सौंपा। हर पार्टी को सौंपना होता है, चंदा देने वालों की लिस्ट तो इसमें पूरी तरह से ये साबित है। मैंने पूर्व में भी आपको दिया था, आज फिर दूँगा किस तरह से एक करोड, पचास लाख और पचास लाख की रिश्वत कहिए डोनेशन कहिए या फिर इस महा भ्रष्टाचार के अंदर मनी ट्रेल का खुलासा कहा, मैंने आपको सामने रखा है।

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