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दिल्ली सरकार को भी थी जानकारी, फिर भी नहीं दिया ध्यान: पूनम अश्वनी बागड़ी

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  • राम मनोहर लोहिया अस्पताल में कोरोना पॉजिटिव पाई गई थी महिला
  • परिवार ने पार्थिव शरीर का सार्वजनिक रूप से अंतिम संस्कार किया
  • जहांगीर पुरी में जारी है दिल्ली सरकार की लापरवाही
  • जहांगीर पुरी में 37 कोरोना पॉजिटिव मरीज पाए गए
  • बाबू जगजीवन राम अस्पताल में नहीं मिल रहा है उपचार

नई दिल्ली : उत्तरी दिल्ली नगर निगम की पार्षद पूनम अश्वनी बागड़ी ने दिल्ली के उपराज्यपाल और दिल्ली सरकार पर कोरोना महामारी में लापरवाही बतरने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्षद पूनम बागड़ी से प्रेस विज्ञपति जारी कर शनिवार को उक्त आरोप लगाते हुए कहा कि जहांगीर पुरी में 37 कोरोना पॉजिटिव मरीज पाए गए। पार्षद ने कहा है कि 5 तारीख को जहांगीरपुरी के सी-404 में अंजुमन बीवी नाम की एक महिला राम मनोहर लोहिया अस्पताल में कोरोना पॉजिटिव पाई गई थी जिसकी मृत्यु के बाद परिवार ने पार्थिव शरीर का सार्वजनिक रूप से अंतिम संस्कार किया। इसकी शिकायत निगम पार्षद पूनम बागड़ी ने दिल्ली के उपराज्यपाल और दिल्ली सरकार को अवगत करते हुए इस क्षेत्र में सैनिटाइजर कराने की मांग की थी। लेकिन इस तरफ दिल्ली सरकार और निगम प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया। ऐसे में ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष नाजिम अली ने वहां सैनिटाइजर कराया। जिसकी वजह से ब्लॉक अध्यक्ष स्वयं कोरोना पॉजिटिव मरीज पाए गए।

निगम पार्षद पूनम अश्वनी बागड़ी ने कहा कि अगर समय रहते दिल्ली सरकार मृत महिला से मिलने वालों की लिस्ट तैयार कर उनकी जांच कर देती और उन्हें आइसोलेशन सेंटर भेज देती तो इतनी बड़ी संख्या में कोरोना पॉजिटिव नहीं मिलते। पार्षद ने कहा कि यहां से मात्र 64 लोगों के सैंपल लिए गए थे जिसमें 37 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं जबकि इस क्षेत्र की करीब 20 हजार की आबादी है। अगर यह टेस्ट कराए जाएं तो बहुत भारी तादाद में यहां से कोरोना पॉजिटिव मरीज निकलने की संभावना है। पूनम बागड़ी ने दिल्ली सरकार पर आरोप लगाते हुए यह भी कहा कि जहांगीरपुरी बी और सी ब्लॉक में जो इलाके सील किए गए हैं उन्हें खाने व पीने की सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। रोजमर्रा के बीमार मरीजों का यहां दिल्ली सरकार के बाबू जगजीवन राम अस्पताल में उपचार भी नहीं किया जा रहा है।

पार्षद पूनम बागड़ी ने दुख जताते हुए दिल्ली सरकार पर आरोप लगाकर कहा कि 37 कोरोना पॉजिटिव केस पाए गए और मुख्यमंत्री इन्हें एक ही परिवार का बताकर इनकी संख्या 31 बता रहे हैं। इससे पूर्व में भी 13 तारीख को 356 दिल्ली के कोरोना पॉजिटिव केस पाए गए थे तथा 14 तारीख को उनमें से 13 नाम गायब थे। इसकी शिकायत भी पार्षद बागड़ी ने उपराज्यपाल अनिल बैजल व मुख्यमंत्री केजरीवाल से की है। पार्षद बागड़ी ने दिल्ली सरकार पर बड़ी लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि दिल्ली के अंदर दिल्ली की सरकार कोरोना बीमारी के विरुद्ध जांच करने व उनका इलाज करने में बहुत ही ढिलाई बरत रही है। जिसका नतीजा है कि कोरोना मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं परंतु उनके नाम को छुपाया जा रहा है और टेस्ट बहुत ही धीमी गति से कराए जा रहे हैं।

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