Tuesday, May 14, 2024
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दिल्ली का व्यापारी वर्ग अन्य राज्यों में शिफ्ट होने को मजबूर : कांग्रेस

  • -दिल्ली नगर निगम की गलत नीतियों और मनमाने टैक्सों में अनुचित वृद्धि से परेशान

नई दिल्ली,18 अगस्त, 2022 – दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चौ0 अनिल कुमार कहा कि भाजपा शासित केन्द्र सरकार द्वारा दिल्ली नगर निगम के एकीकरण के बाद एमसीडी द्वारा संपत्ति कर, पार्किंग व कन्वर्जन शुल्क, व्यापार लाइसेंस शुल्क तथा सफाई कर की दरों में मनमानी, तर्कहीन और अनुचित वृद्धि के कारण दिल्ली का व्यापारी वर्ग पूरी तरह हताहत है और दिल्ली में उनको व्यवसायिक गतिविधियां चलाना काफी मुश्किल हो रहा है। प्रदेश अध्यक्ष ने दिल्ली नगर निगम पर आरोप लगाया कि उनकी गलत नीतियों के कारण दिल्ली का व्यापारी वर्ग नजदीकी राज्य उत्तर प्रदेश और हरियाणा में स्थानांतरित होने को मजबूर हैं।

चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि बढ़ती महंगाई और आर्थिक संकट के दौरान दिल्ली नगर निगम लगातार किसी न किसी तरीके से अतिरिक्त राजस्व प्राप्त करने के लिए व्यापार को जरिया बना रहे है, जबकि जीएसटी ने पहले ही व्यापारियों की कमर तोड़ रखी है। उन्होंने कहा कि दिल्ली कांग्रेस हमेशा से दिल्ली के व्यापारियों के पक्ष में आवाज उठाती रही है क्योंकि व्यापारी वर्ग दिल्ली की प्रगति का अहम हिस्सा रहा है। केन्द्र और दिल्ली में कांग्रेस की सरकारों ने हमेशा व्यापारियों की समस्याओं और मुद्दों का समय-समय पर समाधान भी किया है, जबकि भाजपा सरकार दिल्ली के व्यापारियों के हितों और व्यापारिक अधिकारों का प्रतिदिन हनन कर रही है।

चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि यदि दिल्ली के व्यापारियों को व्यवसायिक गतिविधियों चलाने में हो रही परेशानियों का भाजपा शासित केन्द्र और दिल्ली नगर निगम ने कम नही किया तो व्यापारी वर्ग राजधानी के समीप उत्तर प्रदेश व हरियाणा के आस-पास के इलाकों में शिफ्ट होने को मजबूर हो जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी भाजपा शासित दिल्ली नगर निगम की होगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली कांग्रेस मांग करती है कि एमसीडी संपत्ति कर, व्यापार लाइसेंस शुल्क और कन्वर्जन और पार्किंग शुल्क में की गई अप्रत्याशित वृद्धि को तुरंत वापस लेना चाहिए क्योंकि टैक्सों में बढ़ोत्तरी के कारण व्यापारियों पर वित्तिय बोझ पड़ा है।

चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि दिल्ली के व्यापारियों से पार्किंग और कन्वर्जन चार्ज के रूप में हजारों करोड़ रुपये अर्जित करके एमसीडी ने केंद्र सरकार के उन नियमों की धज्जियां उड़ाकर किसी अन्य मद पर खर्च की गई जबकि नियमानुसार इन टैक्सों से एकतित्र होने वाली राशि एक अलग खाते में जमा करके व्यापारिक वर्ग से परामर्श कर बाजारों में पार्किंग और अन्य बुनियादी ढांचे के विकास के लिए उपयोग किया जाना था। निगमों की एकतरफा नीति से दिल्ली के व्यापारिक समुदाय बेहद परेशान है। उन्होंने कहा कि एमसीडी ने अनुचित सफाई कर लगा कर व्यापारियों पर अतिरिक्त कर का बोझ बढ़ा दिया है, जबकि सफाई कर कोई औचित्य नहीं है।

चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि यह बहुत चिंताजनक है कि पार्किंग सहित अन्य शुल्क की राशि का प्रयोग दिल्ली के विकास की बजाय अन्य अज्ञात उदेश्यों की पूर्ति के लिए किया गया। उन्होंने कहा कि चाहे केन्द्र सरकार द्वारा निगमों को एकीकरण कर दिया गया है परंतु यह सत्य है कि निगम में भ्रष्टाचार हमेशा व्याप्त रहा है। पिछले 15 वर्षों में भाजपा ने दिल्ली नगर निगम को खोखला कर दिया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली कांग्रेस दिल्ली के व्यापारी वर्ग के साथ खड़ी है और उनके हितों की लड़ाई में उनके साथ है।

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