Monday, April 22, 2024
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केजरीवाल के कुप्रबंधन के कारण दिल्ली की लगातार गिर रही है अर्थव्यवस्था : आदेश गुप्ता

  • केजरीवाल सरकार ने फिक्स चार्ज के नाम पर 11000 करोड़ रुपये की अवैध वसूली की है – दिल्ली के बजट को मुनाफे वाला बताने वाले केजरीवाल के ऊपर सिर्फ केंद्र सरकार के ही 38506 करोड़ बकाया हैं – केजरीवाल बताएं कि उनके कितने मंत्री, विधायक और नेताओं के बच्चे दिल्ली के सरकारी स्कूलों में पढ़ते हैं – दिल्ली की स्वास्थ्य व्यवस्था बेहतर है तो केजरीवाल और उनके मंत्री प्राइवेट अस्पतालों में सरकारी खर्चों पर अपना इलाज क्यों कराते हैं – प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने केजरीवाल को दिल्ली के शिक्षा और स्वास्थ्य को लेकर दी खुली बहस की चुनौती

नई दिल्ली, 17 जुलाई 2022 : दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के कुप्रबंधन, भ्रष्टाचार व सस्ती राजनीतिक लोकप्रियता के कारण दिल्ली की अर्थव्यवस्था लगातार गिर रही है। आज दिल्ली की जीडीपी ग्रोथ -3.9 प्रतिशत हो गई है जबकि देश की जीडीपी ग्रोथ 8.2 प्रतिशत है। इसका अर्थ है कि वित्तीय कुप्रबंधन व भ्रष्टाचार में दिल्ली सरकार लिप्त है।  प्रदेश कार्यालय में रविवार को आयोजित एक प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए दिल्ली भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने केजरीवाल सरकार पर उक्त आरोप लगाए।

इस दौरान गुप्ता ने कहा कि केजरीवाल से बिजली के दामों पर अधिभार में की गई वृद्धि एवं बिजली की अन्य समस्याओं को लेकर केजरीवाल से मिलने का समय मांगते हुए कहा कि केजरीवाल के पास अगर दिल्ली के आम लोगों की समस्याओं के निराकरण के लिए समय नहीं है तो एक जिम्मेदार विपक्ष होने के नाते भाजपा प्रचंड प्रदर्शन करेगी। क्योंकि दिल्ली में बिजली के नाम पर लूट जारी है। फिक्स चार्ज के नाम पर केजरीवाल सरकार द्वारा अवैध रुप से वसूले गए 11 हजार करोड़ रुपये तुरंत वापस करें। इस प्रेसवार्ता में प्रदेश भाजपा मीडिया रिलेशन विभाग के प्रभारी हरीश खुराना, प्रदेश भाजपा मीडिया सह प्रमुख हरिहर रघुवंशी और प्रदेश प्रवक्ता आदित्य झा उपस्थित थे।


  • गुप्ता ने कहा कि रेवड़ियां बांटने का परिणाम है कि आज दिल्ली का राजस्व 61891 करोड़ रुपये का है जबकि खर्चा 71085 करोड़ रुपये का है। सीएजी ने अपनी रिपोर्ट में चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि दिल्ली सरकार का सब्सिडी के रूप में 2015-16 का 1,867.61 करोड़ रुपये से बढ़कर 2019-20 में 3592.94 करोड़ रुपये हो गया। आज सब्सिडी लगभग 6700 करोड़ रुपये हो गई है, लेकिन ये बढ़ी हुई सब्सिडी जनता की भलाई की जगह बिजली कंपनियों के मालिकों, केजरीवाल और उनके नेताओं की जेब में जा रहा है।

  • आदेश गुप्ता ने कहा कि केजरीवाल कहते रहते हैं कि दिल्ली सरकार का बजट सरप्लस में है और उनके ऊपर कोई कर्ज नहीं है, लेकिन सच्चाई इससे विपरीत है क्योंकि आज केजरीवाल सरकार के ऊपर केंद्र सरकार का 38506 करोड़ रुपये का बकाया है। केजरीवाल के कुप्रबंधन का ही प्रमाण है कि दिल्ली जलबोर्ड के ऊपर 67000 करोड़ रुपये, डयूसिब के ऊपर 1620 करोड़ रुपये, बिजली सप्लाई करने वाली कंपनी के ऊपर 3326 करोड़ रुपये, प्रगति पावर कॉरपरेशन के ऊपर 707 करोड़ रुपये और डीटीसी के ऊपर 11673 करोड़ रुपये का बकाया है। उन्होंने कहा कि जो पैसा जनता की भलाई के लिए, बेहतर अस्पताल, अच्छे विद्यालय और परिवहन व्यवस्था को दुरुस्त करने में खर्च होना चाहिए था उन पैसों का इस्तेमाल केजरीवाल सरकार अपनी झूठी राजनीतिक लोकप्रियता के चक्कर में पानी की तरह बहा रही है।


आदेश गुप्ता ने कहा कि मुफ्त शिक्षा और मुफ्त स्वास्थ्य सुविधायें देना हर सरकार का कर्तव्य है लेकिन केजरीवाल सरकार बताएं कि उन्होंने पिछले सात सालों में कितने अस्पताल और स्कूल खोले हैं। अगर दिल्ली के स्कूल अच्छे हैं तो दिल्ली के कितने विधायक और मंत्रियों के कितने बच्चे दिल्ली सरकार के स्कूलों में पढ़ते हैं। दिल्ली के स्वास्थ्य और शिक्षा पर केजरीवाल को खुली बहस की चुनौती देते हुए गुप्ता ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा बेहतर करने का दावा करने वाले केजरीवाल और उनके मंत्री प्राइवेट अस्पतालों में इलाज कराने की नौबत क्यों आ जाती है। जबकि उन अस्पतालों में इलाज में आए लाखों रुपये के खर्चों को दिल्ली सरकार वहन करती है। 

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