Tuesday, June 18, 2024
Homeअंतराष्ट्रीयबिजली की बढ़ी हुई दरें अगर वापस नहीं ली गई तो मुख्यमंत्री...

बिजली की बढ़ी हुई दरें अगर वापस नहीं ली गई तो मुख्यमंत्री आवास के बाहर भाजपा करेगी प्रदर्शन : भाजपा

– दिल्ली में बिजली कर्मचारियों को मिलने वाली पेंशन राशि की उपभोक्ताओं से वसूल की जा रही है – केजरीवाल के संरक्षण में दिल्ली के कुछ चुनिन्दा क्षेत्रों में 80 फीसदी बिजली की चोरी हो रही है – किसानों को देश भर में मिलती है मुफ्त बिजली लेकिन केजरीवाल वसूलते हैं कमर्शियल दर पर बिजली बिल – केजरीवाल सरकार बिजली दर बढ़ाकर हर माह 100 करोड़ रुपये अपने जेबों में भर रही है

नई दिल्ली, 12 जुलाई। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी और भाजपा सांसद रमेश बिधूड़ी ने आरोप लगाया कि केजरीवाल सरकार ने दिल्ली की जनता को मुफ्त बिजली का वायदा कर जिस तरह से ऊर्जा और खरीद दरों में बढ़ोत्तरी की है, उसकी दूसरी मिसाल मिलना कठिन है। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि केजरीवाल सरकार ने बिजली कंपनियों के साथ मिलकर 100 करोड़ रुपये प्रतिमाह का घोटाला किया है। उन्होंने बिजली की बढ़ी दरों को वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि अगर बढ़ी हुई दरों को तुरंत वापस नहीं लिया गया तो मुख्यमंत्री आवास पर प्रदर्शन किया जाएगा।

भाजपा नेताओं ने आज एक संयुक्त प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार द्वारा कंपनियों को बिजली खरीद दरों में चार्ज के नाम पर बढ़ोतरी की इजाजत देना उपभोक्ताओं के साथ सरासर धोखा है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में अधिकतम बिजली की मांग 7000 मेगावाट है लेकिन फिक्स और ऊर्जा खरीद और वितरण चार्ज के नाम पर जो वसूली की जा रही है वह 21000 मेगावाट से ज्यादा की है। इस संयुक्त प्रेसवार्ता में प्रदेश मीडिया सह-प्रमुख हरिहर रघुवंशी और मीडिया रिलेशन विभाग सह-प्रमुख विक्रम मित्तल मौजूद थे। रामवीर सिंह बिधूड़ी और रमेश बिधूड़ी ने कहा कि कैसे संभव है कि बिजली वितरण सिर्फ 7000 मेगावाट के हिसाब से हो रही है और उस पर वसूली 21000 मेगावाट के हिसाब से हो रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री केजरीवाल से इसे स्पष्ट करने की मांग करते हुए आरोप लगाया कि मुफ्त बिजली-पानी के नाम पर अब लोगों को बड़े झटके लग रहे हैं, लेकिन दिल्ली भाजपा केजरीवाल सरकार की गलत नीतियों का हर स्तर पर लगातार विरोध करती रहेगी।

नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि सरकार और बिजली कंपनियों ने दरों में बढ़ोतरी की कोई जानकारी जनता को नहीं दी। इतना ही नहीं दिल्ली देश में एकमात्र ऐसा राज्य है जहां बिजली कर्मचारियों को मिलने वाली पेंशन राशि की उपभोक्ताओं से वसूली जा रही है। बिजली कर्मचारियों को दी जाने वाली 400 युनिट मुफ्त बिजली की सुविधा के दाम पर भी उपभोक्ताओं पर लादे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि केजरीवाल सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं के लिए फिक्स चार्ज जो पहले 30 रुपये थे उन्हें बढ़ा कर 125 रुपये कर दिया है। इसी तरह कमर्शियल उपभोक्ता के लिए यह दरें 50 रुपये प्रति किलोवाट से बढ़ा कर 270 रुपये कर दी गई है।

रामवीर सिंह बिधूड़ी ने आरोप लगाया कि दिल्ली के अनेक क्षेत्रों में बिजली चोरी बड़े पैमाने पर की जा रही है जिसमें एक वर्ग विशेष बहुल क्षेत्रों में 80 प्रतिशत की चोरी हो रही है, लेकिन दिल्ली सरकार इस पर जानबूझ कर कोई कार्रवाई नहीं करती। ये क्षेत्र मटियामहल, सीलमपुर, ओखला, जाफराबाद, बल्लीमाराम, शाहीन बाग इत्यादी जैसे शामिल हैं। उन्होंने कहा कि केजरीवाल सरकार चोर दरवाजों से बिजली की दरों को बढ़ाने का काम किया है सांसद रमेश बिधूड़ी ने कहा कि देश भर में किसानों को जहां कम दरों पर या मुफ्त बिजली मिलती है वहीं दिल्ली के किसान कमर्शियल दरों पर बिजली खरीदने को मजबूर हैं।

उन्होंने कहा कि बिजली बिल में ऊर्जा, वितरण, खरीद और फिक्स चार्ज के नाम पर जो दरें लगायी जाती है उन सब पर बढ़ोतरी का असर होगा। इस तरह अगर सरकार ने दरों में छह फीसदी की बढ़ोतरी की है तो वह वास्तव में उपभोक्ताओं को 12 प्रतिशत तक पड़ेगी। रमेश बिधूड़ी ने कहा कि दिल्ली में सरकार प्रति माह 900 से 1000 करोड़ रुपये की वसूली करती है और इसमें 100 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हो जाएगी। मतलब ये कि केजरीवाल सरकार ने दिल्ली में बिजली दरों की बढ़ोतरी कर अपनी जेब में 100 करोड़ रुपये जमा करने की व्यवस्था कर ली है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments