Homeताजा खबरेंलाॅकडाउन के बीच भी जरूरतमंदों ने की टीकाकरण की मांग, सरकार ने...

लाॅकडाउन के बीच भी जरूरतमंदों ने की टीकाकरण की मांग, सरकार ने करवाया टीकाकरण

  • दिल्ली सरकार लॉकडाउन के बीच टीकाकरण सेवाओं के न्यूनतम व्यवधान को सुनिश्चित करने के लिए उठा रही सक्रिय कदम
  • लॉकडाउन के बीच दिल्ली सरकार ने एक सक्रीय रूख अपनाया और निश्चित दिनों में निर्धारित केंद्रों पर टीकाकरण की सेवाएं जारी रहीं
  • जिला प्रतिरक्षण अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया है कि टीकाकरण के योग्य उन बच्चों की सूची को अपडेट करें, जिन्हें लाॅउडाउन के कारण टीकाकरण नहीं किया जा सका
  • लाॅकडाउन की वजह से सभी नवजात शिशुओं को प्रसव केंद्रों पर ही टीके (ओपीवी, हेपेटाइटिस) और बीसीजी की खुराक दी जा रही थी

नई दिल्ली: दिल्ली सरकार कोरोना यानि कोविड-19 के लॉकडाउन के बीच टीकाकरण सेवाओं के कम से कम व्यवधान को सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय कदम उठा रही है। दिल्ली सरकार कार्यात्मक तय सार्वजनिक सुविधा केंद्रों पर टीकाकरण सेवाएं सुनिश्चित कर रही है और सरकार ने सभी जिला प्रतिरक्षण अधिकारियों को पहले ही निर्देश जारी कर दिए हैं कि वे टीकाकरण के योग्य उन बच्चों की सूची को अपडेट करें, जिन्हें लॉकडाउन के कारण टीकाकरण नहीं किया जा सका था। लाॅकडाउन के दौरान सभी प्रसव केंद्रों पर ही नवजात शिशुओं को टीके (ओपीवी, हेपेटाइटिस) और बीसीजी की खुराक दी जा रही थी।

दिल्ली सरकार ने उन्हें पोलियो, टेटनस और डिप्थीरिया जैसी घातक बीमारियों से बचाव के लिए बच्चों के टीकाकरण को प्राथमिकता देने का फैसला किया है। यह अन्य बच्चों को सुरक्षित रखने या बच्चे से बच्चे तक खतरनाक बीमारियों के प्रसार को कम करने के लिए भी महत्वपूर्ण है। टीकाकरण बच्चों में रुग्णता और मृत्यु दर को रोकने के लिए सबसे सुरक्षित, सबसे अधिक प्रभावी और शक्तिशाली साधनों में से एक है। इन वर्षों में, दुनिया भर के देशों ने बाल स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता में सुधार के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य हस्तक्षेप के रूप में टीकाकरण के दायरे को बढ़ावा दिया है।

दिल्ली सरकार ने कोविड-19 के कारण लॉकडाउन के बावजूद दिल्ली में टीकाकरण सेवाओं के कम के कम व्यवधान को सुनिश्चित करने के लिए सभी उपाय किए हैं। लाॅकडाउन के दौरान भी प्रसव के बाद नवजात शिशुओं को टीके (ओपीवी, हेपेटाइटिस) और बीसीजी की खुराक दी जा रही है।दिल्ली सरकार ने आग्रह किया है कि अब सभी माता-पिता को अपने बच्चों के पूर्ण टीकाकरण को सुनिश्चित करने के लिए अपने आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम से संपर्क कर सकते हैं या अपने निर्धारित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर जाकर प्राप्त कर सकते हैं।
इस लॉकडाउन के बीच, दिल्ली सरकार ने एक सक्रिय रुख अपनाया है और टीकाकरण सेवाओं को निर्दिष्ट टीकाकरण के दिन यानी बुधवार और शुक्रवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर निर्धारित सुविधाओं को जारी रखा। हालांकि, कोविड-19 कार्यों में आशा कार्यकर्ताओं और एएनएम की सक्रीय भागीदारी के कारण गतिशीलता नहीं हो सकी, लेकिन ऐसे परिवार जो अपने बच्चों के लिए स्वेच्छा से टीकाकरण सेवा की मांग कर रहे थे, उन्हें सभी प्रोटोकॉल और सलाह (जैसे सामाजिक दूरी, स्वच्छता, आदि) के बाद सेवाएं प्रदान की गईं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

twelve − 8 =

Must Read