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कोरोना संकट के समय में राशन वितरण को वितरण प्रणाली में हो रही लापरवाही को लेकर फटकारा: मनोज तिवारी

  • राशन वितरण को लेकर हो रही लापरवाही से तो यही जाहिर हो रहा है कि दिल्ली सरकार की नीयत में खोट है
  • लॉक डाउन को 2 महीने होने जा रहे हैं लेकिन दिल्ली में आज भी हजारों लोगों को राशन नहीं मिल रहा है, यहां तक कि उन लोगों को भी राशन नहीं मिल रहा है जिनके पास ई-कूपन है
  • दिल्ली सरकार की यह नैतिक जिम्मेदारी थी और उन्हें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली से गरीब, जरूरतमंद और हाशिए पर पड़े लोगों को अनाज की आपूर्ति की जाए इन्हें राशन की दुकानों के अलावा दूसरे केंद्रों से भी अनाज दिया जाए
  • कोरोना संकट के समय में राशन वितरण को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल का यह रवैया जानबूझकर की गई साजिश का हिस्सा है
  • दिल्ली सरकार की बस यह जिम्मेदारी थी कि वह केंद्र सरकार की ओर से मिल रहे राशन को गरीब व जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाएं लेकिन दिल्ली सरकार हर मोर्चे पर विफल रही
  • दिल्ली सरकार मेरा आग्रह है कि वह राशन वितरण प्रणाली को ठीक करें और हाईकोर्ट के निर्देशानुसार दिल्ली के गरीब और जरूरतमंद लोगों तक राशन पहुंचाएं
  • राशन वितरण के लिए किसी प्रकार की मदद की आवश्यकता होने पर दिल्ली भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता दिल्ली सरकार की सहायता देने को तैयार है, इस नेक कार्य में दिल्ली भाजपा अपना योगदान देने के लिए सदैव तत्पर है

नई दिल्ली: दिल्ली में ई-कूपन धारकों को राशन नहीं दिया जा रहा है, खासकर सुल्तानपुरी इलाके की घटना को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया और दिल्ली सरकार को फटकार लगाई है जिस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए दिल्ली भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी व दिल्ली विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। इस अवसर पर दिल्ली भाजपा मीडिया सह प्रभारी नीलकांत बक्शी व मीडिया प्रमुख अशोक गोयल देवराहा उपस्थित थे।

मनोज तिवारी ने कहा कि राशन वितरण को लेकर हो रही लापरवाही से तो यही जाहिर हो रहा है कि दिल्ली सरकार की नीयत में खोट है। केंद्र की ओर से मिल रहे राशन की गुणवत्ता, मात्रा सीधे दिल्ली के लोगों तक कैसे पहुंचे इस पर दिल्ली सरकार कभी भी संजीदा नहीं हुई। इस लापरवाही को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट की ओर से कई बार निर्देशित किए जाने पर भी दिल्ली सरकार ने इसे गंभीरता से नहीं लिया और लगातार उनके निर्देशों की अवमानना करते रहे। लॉक डाउन को 2 महीने होने जा रहे हैं लेकिन दिल्ली में आज भी हजारों लोगों को राशन नहीं मिल रहा है, यहां तक कि उन लोगों को भी राशन नहीं मिल रहा है जिनके पास ई-कूपन है। पहले ई-कूपन फर्जी दे दिया और बाद में उसे कैंसिल कर दिया। यही कारण लोगों को राशन के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और उन्होंने राशन के बिना दिल्ली से पलायन करने पर मजबूर हो गए।

तिवारी ने कहा कि यह बहुत ही चिंताजनक दिल्ली सरकार की सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत ई-कूपन मिलने के बावजूद हजारों लोगों को राशन से वंचित है जबकि लॉकडाउन की घोषणा के तुरंत बाद दिल्ली सरकार ने घोषणा की थी कि जिनके पास राशन कार्ड नहीं है उनको भी राशन दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोगों ने कई दिनों तक राशन दुकान के चक्कर काटे लेकिन राशन न मिलने पर उन्होंने कोर्ट की मदद ली और दिल्ली हाईकोर्ट ने भी यह साफ किया कि राशन को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट के 27 अप्रैल और 6 मई के आदेशों के अनुसार दिल्ली के सभी गरीब व जरूरतमंद लोगों तक राशन पहुंचाने का जो उद्देश्य था, वह दिल्ली सरकार ने पूरा नहीं किया है। एक बार फिर से दिल्ली हाईकोर्ट की अलग-अलग पेंशन 18 मई और 20 मई को राशन वितरण में हो रही लापरवाही को लेकर दिल्ली सरकार को फटकार लगाई है। दिल्ली भाजपा ने हमेशा दिल्ली सरकार के राशन वितरण प्रणाली की असफलता को दिल्ली के लोगों के सामने रखा और दिल्ली हाईकोर्ट ने भी अब दिल्ली सरकार को उसके राशन वितरण प्रणाली में हो रही लापरवाही को लेकर लताड़ लगाई है।

तिवारी ने कहा यह दिल्ली सरकार की यह नैतिक जिम्मेदारी थी और उन्हें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली से गरीब, जरूरतमंद और हाशिए पर पड़े लोगों को अनाज की आपूर्ति की जाए। इन्हें राशन की दुकानों के अलावा दूसरे केंद्रों से भी अनाज दिया जाए लेकिन दिल्ली सरकार ने दिल्ली के निवासी मजदूरों को भी भूखा रखा और उन्हें दिल्ली छोड़कर जाने पर मजबूर कर दिया। ऐसे समय में दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल का यह रवैया जानबूझकर की गई साजिश का हिस्सा है।

दिल्ली विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि केंद्र सरकार दिल्ली के 72 लाख लोगों के लिए 8 किलो गेंहू, 2 किलो चावल, 1 किलो दाल प्रति व्यक्ति मुफ्त में उपलब्ध करा रही है, दिल्ली सरकार की बस यह जिम्मेदारी थी कि उस राशन को गरीब व जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाएं जिसमें वह विफल रही। खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री राम विलास पासवान ने भी यह जानकारी दी थी कि दिल्ली में केजरीवाल सरकार ने अप्रैल माह के लिए केंद्र सरकार की ओर से मुहैया राशन का  1% भी मई तक वितरित नहीं कर पाई है। अब दिल्ली हाईकोर्ट ने इस बात पर मुहर लगा दी है कि दिल्ली सरकार की राशन वितरण प्रणाली दिल्ली के लोगों तक राशन पहुंचाने में असफल रही।

बिधूड़ी ने कहा कि दिल्ली के पहले लोगों को पोर्टल ई-कूपन के लिए आवेदन करने में समस्या हुई और जिन्हें ई-कूपन मिला उन्हें भी राशन वितरण केंद्रों पर राशन की उपलब्धता न होने के कारण उन्हें राशन नहीं मिला। 15-20 दिन लगातार राशन वितरण केंद्रों के चक्कर लगाने के बाद भी उन्हें राशन नहीं मिला। दिल्ली के राशन वितरण प्रणाली के ढुलमुल रवैए को लेकर जो बाद दिल्ली भाजपा कह रही थी उसपर अब दिल्ली हाईकोर्ट ने भी उस पर सहमति जताई है। केंद्र सरकार की ओर से दिल्ली के गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए प्रत्येक माह दिल्ली सरकार को राशन मुहैया कराया जाता है लेकिन अरविंद केजरीवाल लगातार यह प्रचार कर रहे हैं कि वह दिल्ली के 72 लाख लोगों को मुफ्त राशन दे रहे हैं जो कि सरासर झूठ है।

बिधूड़ी ने कहा कि दिल्ली सरकार से मेरा आग्रह है कि वह राशन वितरण प्रणाली को ठीक करें और हाईकोर्ट के निर्देशानुसार दिल्ली के गरीब और जरूरतमंद लोगों तक राशन पहुंचाएं। राशन से वंचित रखकर दिल्ली के मजदूरों को पलायन करने पर विवश करने के लिए दिल्ली के मुख्यमंत्री दिल्ली के लोगों से माफी मांगे। राशन वितरण के लिए किसी प्रकार की मदद की आवश्यकता होने पर दिल्ली भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता दिल्ली सरकार की सहायता देने को तैयार है, इस नेक कार्य में दिल्ली भाजपा अपना योगदान देने के लिए सदैव तत्पर है।

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