Wednesday, February 21, 2024
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एनडीटीएफ ने शिक्षक समस्याओं को लेकर सांसद से की मुलाकात

  • इनके पूर्ण वित्त पोषण से ही यह समस्या हल हो सकती है
  • सांसद ने सहयोग के लिए दिया आश्वासन

नई दिल्ली, 23 जुलाई 2022: नेशनल डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट (एनडीटीएफ) के अध्यक्ष प्रो ए के भागी के नेतृत्व में संगठन पदाधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली सरकार के बारह पूर्ण वित्त पोषित कॉलेजों के शिक्षकों के नियमित वेतन, पर्याप्त ग्रांट व अन्य सुविधाओं, दिल्ली विश्वविद्यालय में तदर्थ शिक्षकों के समायोजन और आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गों के आरक्षण लागू होने के फलस्वरूप शिक्षकों और कर्मियों के अतिरिक्त पद जारी कराने की मांग को लेकर सांसद प्रवेश साहिब सिंह वर्मा से मुलाकात की। एनडीटीएफ के प्रेस प्रभारी डॉ. बिजेंद्र कुमार ने बताया कि प्रो भागी ने सांसद प्रवेश वर्मा को दिल्ली सरकार के बारह पूर्ण वित्त पोषित कॉलेजों में पिछले कई वर्षों से चली आ रही ग्रांट और वेतन की समस्या से अवगत कराते हुए इसके स्थायी समाधान की मांग की।

प्रतिनिधिमंडल ने सांसद से सहयोग का अनुरोध करते हुए बताया कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा इन बारह कॉलेजों को अपने अधीन लेने और इनके पूर्ण वित्त पोषण से ही यह समस्या हल हो सकती है। प्रो भागी ने सांसद को अवगत कराया कि बारह कॉलेजों के अलावा दिल्ली विश्वविद्यालय के बीस कॉलेजों को दिल्ली सरकार पांच प्रतिशत अनुदान देती है।

इन बीस कॉलेजों को भी पूर्ण रूप से विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से अधिग्रहण कराने की मांग भी की गई। सांसद प्रवेश ने प्रतिनिधि मंडल द्वारा रखे गए मुद्दों को ध्यानपूर्वक सुना और मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के विकास में अपने किसी भी तरह के सहयोग का भरोसा दिया। नेशनल डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट जल्द ही दिल्ली के बाकी सांसदों से मिलकर उनसे इन समस्याओं के समाधान करवाने का आग्रह करेगा।

प्रो भागी ने दिल्ली सरकार के द्वारा पूर्ण रूप से वित्त पोषित बारह कॉलेजों में लैब, शौचालय, जर्जर इमारत सहित पूरी ग्रांट न मिलने से मेडिकल व एरियर्स आदि समय पर न दिए जाने का मुद्दा भी सांसद के समक्ष रखकर समाधान कराने का आग्रह किया। प्रो भागी ने बताया कि कॉलेज ऑफ आर्ट्स एक गंभीर मुद्दा है जिसे दिल्ली विश्वविद्यालय को वापस लेना चाहिए। सांसद ने आश्वस्त किया है कि वे अपने स्तर पर इस मामले में पूरा प्रयास करेंगे।

प्रो भागी ने आगे बताया कि दिल्ली विश्वविद्यालय में साढ़े चार हज़ार के करीब तदर्थ शिक्षक कार्य कर रहे हैं। नेशनल डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट इनके समायोजन के लिए हरसंभव प्रयासरत है। सांसद प्रवेश वर्मा के समक्ष यूजीसी से आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गों का आरक्षण लागू होने के फलस्वरूप बढ़े कार्यभार के लिए शिक्षकों और कर्मचारियों हेतु अतिरिक्त पद जारी कराने और केंद्र से दिल्ली विश्वविद्यालय में कार्यरत तदर्थ शिक्षकों का समायोजन करवाने की मांग को रखा गया है। नेशनल डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट के प्रतिनिधि मंडल में उपाध्यक्ष डा प्रदुमन राणा डूटा कार्यकरिणी सद्स्य डा चमन सिंह, डा लुके कुमारी खन्ना, डा जय विनोद, डा संजय वर्मा तथा अकादमिक परिषद सद्स्य डा अशोक यादव, डा सुदर्शन कुमार शामिल थे।

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