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दिल्ली भर में 1000 से भी अधिक जगहों पर मोदी और केजरीवाल सरकार की विफलताओं के खिलाफ धरना दिया

  • दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चौ0 अनिल कुमार के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताआ ने आज दिल्ली भर में 1000 से भी अधिक जगहों पर भाजपा की नरेन्द्र मोदी सरकार और दिल्ली की केजरीवाल सरकार की कोविड-19 महामारी पर नियंत्रण न करने की विफलताओं के खिलाफ धरना दिया। सरकार की विफलताओं के कारण कोरोना मामलों में तेजी से वृद्धि हुई है।
  • निःशुल्क कोविड टेस्ट का अधिकार दिल्ली के प्रत्येक नागरिक को मिलना चाहिए और कोविड मरीज तथा कंटेन्मेन्ट जोन में रह रहे प्रत्येक के परिवार को तुरंत प्रभाव से 10,000 रुपये राहत के रुप में दिए जाये
  • भाजपा और आम आदमी पार्टी की दोनो सरकारों ने पहले लॉकडाउन के बाद महत्वपूर्ण 84 दिनों का कीमती समय बर्बाद किया जबकि इस दौरान कोविड मामले एकल अंकों में थे जिन पर नियंत्रण पाया जा सकता था

नई दिल्ली :  दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चौ0 अनिल कुमार के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताआें ने आज दिल्ली भर में 1000 से भी अधिक जगहों पर प्रातः 10.30 बजे से 11.00 बजे तक भाजपा की नरेन्द्र मोदी सरकार और दिल्ली की केजरीवाल सरकार की कोविड-19 महामारी पर नियंत्रण न करने की विफलताओं के खिलाफ सामाजिक दूरी का ध्यान रखकर धरना दिया जबकि राजधानी में कोविड मामलें तेजी से बढ़ रहे है और कोरोना से होने वाली मौतों ने खतरे की घंटी बजा दी है। धरने पर बैठे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथ में काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज कराया, क्योंकि मोदी और केजरीवाल दोनो सरकारों ने बैठक करके सिर्फ बातचीत में समय व्यर्थ किया है, कोई रणनीति नही बनाई जिसके कारण दिल्ली में कोरोना वायरस के मामलों में जबरदस्त बढ़ौतरी हुई है। प्रदेश कार्यालय राजीव भवन में धरने पर प्रदेश अध्यक्ष चौ0 अनिल कुमार के साथ आदर्श शास्त्री, परवेज आलम, संदीप गोस्वामी और जावेद मिर्जा के साथ कांग्रेस कार्यकर्ता भी शामिल थे।

चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि भाजपा और आम आदमी पार्टी की दोनो सरकारों ने पहले लॉकडाउन के बाद महत्वपूर्ण 84 दिनों का कीमती समय बर्बाद किया जबकि इस दौरान कोविड मामले एकल अंकों में थे जिन पर नियंत्रण पाया जा सकता था। उन्होंने कहा कि ये दोनों सरकारें कोई कार्यवाही न करके एक दूसरे की पीठ थपथपाने की आपसी कवायद में लगी है जबकि इसके बजाय इनको सुविधाओं को बढ़ाने, अस्पताल के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और डॉक्टरों, नर्सों, पैरामेडिकल स्टाफ जैसे कोरोना योद्धाओं और सेनिटाईजेशन कर्मचारी जो सीधे कोविड लड़ाई से जुड़े है इनके लिए सभी आवश्यक उपकरण और सुविधाएं मुहैया करानी चाहिए।  

चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि यह विडंबना ही है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एलएनजेपी अस्पताल का दौरा किया और अस्पताल की प्रशंसा करते हुए कहा कि अस्पताल “अच्छा काम“ कर रहे हैं, हालांकि कई मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मरीजों को अस्पताल के बाहर स्ट्रेचर पर मरने के लिए छोड़ दिया गया था, शवों को वार्ड में स्ट्रेचर पर ही रखा हुआ था, अस्पताल की असामान्य स्थिति और अस्वच्छ परिस्थितियों इतनी गड़बड़ाई हुई थी कि लोग अस्पताल के अंदर जाने से परहेज कर रहे थो। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि राजधानी में कोविड के मामलों में अचानक उछाल आया, लोग कोरोना टेस्ट और भर्ती के  के लिए अस्पताल पहुंच रहे है लेकिन अस्पताल अधिकारियों द्वारा उन्हें यह कहकर दूर कर रहे है कि कोई बिस्तर उपलब्ध नहीं है। हालांकि केजरीवाल को दिन प्रतिदिन दिल्ली के लोगों से झूठ बोलना पड रहा है कि कोविड मरीजों के लिए बिस्तर की कोई कमी नहीं है।

चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि अब केजरीवाल मोदी सरकार से मांग कर रहे है कि क्वारन्टाईन मरीजों को रखने के लिए ट्रेन की प्रदान करें, हालांकि दिल्ली सरकार इसका आसानी से हल निकाल सकती है क्योंकि दिल्ली सरकार के तीन नए अस्पतालों – अम्बेडकर नगर अस्पताल, बुराड़ी अस्पताल और द्वारका में इंद्रा गांधी अस्पताल, जिनमें 2600 से अधिक बेड़ों की क्षमता है, दिल्ली सरकार इनका इस्तेमाल कर सकती है।

चौ0 अनिल कुमार ने अपनी मांग को दोहराया कि निःशुल्क कोविड टेस्ट का अधिकार दिल्ली के प्रत्येक नागरिक को मिलना चाहिए। कोविड मरीज तथा कंटेन्मेन्ट जोन में रह रहे प्रत्येक के परिवार को तुरंत प्रभाव से 10,000 रुपये दिए जाये ताकि लॉकडाउन के कारण वित्तिय संकट से जूझ रहे लोगों को राहत मिल सके क्योंकि केजरीवाल सरकार ने बिना किसी योजना तैयार किए ही लॉकडाउन को दिल्ली पर लागू कर दिया। चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि भाजपा की केन्द्र सरकार और दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार ने आखिर स्वीकर कर ही लिया, जिसे दिल्ली कांग्रेस पिछले कई हफ्तों से लगातार कह रही थी कि दोनो सरकारों की अक्षमता और विफलता के कारण कोविड-19 महामारी की राजधानी में तेजी से वृद्धि हुई है।
 

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