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डीयू दाखिले: कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने जारी की डीयू की एडमिशन पॉलिसी

  • सीयूईटी 2022 के तहत डीयू की दाखिला प्रक्रिया को लेकर दी विस्तृत जानकारी
  • इसके पहले भाग में 13 भाषाएँ और दूसरे भाग में 20 भाषाएँ शामिल हैं

नई दिल्ली: दिल्ली विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने शैक्षणिक सत्र 2022-23 के लिए डीयू की एडमिशन पॉलिसी जारी की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह एक लैंडमार्क पॉलिसी है। यूजीसी द्वारा भारत के सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों के लिए जारी सांझा दाखिला कॉमन यूनिवर्सिटीज एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी) 2022 के तहत ही दिल्ली विश्वविद्यालय की दाखिला प्रक्रिया रहेगी। कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने मंगलवार को प्रेसवार्ता के दौरान डीयू की दाखिला प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग और नेशनल कॉलेजिएट वुमन एजुकेशन बोर्ड को छोड़कर, सभी अंडर ग्रेजुएट प्रोग्रामों में दाखिला सीयूईटी 2022 के माध्यम से ही होगा। अतिरिक्त सीटों पर प्रवेश चाहने वालों सहित सभी उम्मीदवारों को सीयूईटी 2022 में उपस्थित होना अनिवार्य है। सीयूईटी में प्राप्त अंकों के आधार पर ही पात्रता मानदंड तय होंगे।

  • स्ट्रीम बदलने पर किसी को नहीं होगा कोई नुकसान
    कुलपति ने बताया कि उम्मीदवार सीयूईटी में केवल उन्हीं विषयों में उपस्थित हो सकेंगे जो विषय उन्होने बारहवीं कक्षा में लिए हों। योग्यता की गणना भी केवल उन्हीं विषयों के कंबिनेशन के आधार पर की जाएगी जिसमें कि उम्मीदवार ने सीयूई टेस्ट दिया होगा।
    स्ट्रीम बदलने पर किसी को कोई नुकसान नहीं होगा। कुलपति ने बताया कि सीयूईटी 2022 के तीन खंड हैं जिनमें पहले खंड को 2 भागों बांटा गया है। इसके पहले भाग में 13 भाषाएँ और दूसरे भाग में 20 भाषाएँ शामिल हैं। डीयू में प्रवेश के लिए उम्मीदवारों को उपरोक्त 33 भाषाओं में से कम से कम एक भाषा में उपस्थित होना अनिवार्य है। प्रवेश परीक्षा के दूसरे खंड में 27 डोमेन स्पेसिफिक विषय हैं। तीसरा खंड सामान्य ज्ञान पार आधारित है जो केवल बीए प्रोग्राम के दाखिलों के लिए ही होगा। उन्होंने बताया कि डीयू के अधिकांश प्रोग्रामों में दाखिले के लिए उम्मीदवार को दूसरे खंड से कम से कम 3 विषयों को चुनना होगा। दूसरे खंड को दो सूचियों बी1 और बी2 के रूप में वर्गीकृत किया गया है। उम्मीदवारों को उचित रूप से विषयों को चुनना होगा ताकि एक बार में एक से अधिक विषय का चयन न हो।

  • मेरिट की गणना विषयों और भाषा में प्राप्त किए गए अंकों के आधार पर की जाएगी
    कुलपति ने बताया कि अधिकांश बीएससी प्रोग्रामों में प्रवेश के लिए योग्यता की गणना भौतिकी, रसायन विज्ञान, गणित या जीव विज्ञान के आधार पर की जाएगी। सीयूईटी में किसी एक भाषा में कम से कम 30 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य है। बैचलर अॉफ आर्ट्स में प्रवेश के लिए उम्मीदवार को प्रवेश परीक्षा में खंड एक से किसी एक भाषा और दूसरे खंड से किन्हीं तीन विषयों में उपस्थित होना होगा। मेरिट की गणना उम्मीदवार द्वारा इन्हीं विषयों और भाषा में प्राप्त किए गए अंकों के आधार पर की जाएगी। कुलपति ने बताया कि बीए (ऑनर्स) अर्थशास्त्र में प्रवेश के लिए उम्मीदवारों को सीयूईटी के लिए गणित में टेस्ट देना अनिवार्य है। इसके लिए मेरिट की गणना चयन की गई भाषा, गणित और किन्हीं दो विषयों में प्राप्त किए गए अंकों के आधार पर की जाएगी। हालांकि उम्मीदवार अधिकतम 6 विषयों में सीयूईटी का टेस्ट दे सकता है, जिनमें से एक भाषा विषय होना जरूरी है। डीयू में दािखले के लिए बेस्ट स्कोर को माना जाएगा।

  • सीयूई टेस्ट के साथ प्रफ़ोर्मेंस-आधारित टेस्ट भी देना होगा
    प्रो. योगेश सिंह ने आगे जानकारी देते हुए बताया कि स्पोर्ट्स और ईसीए प्रोग्रामों में प्रवेश के लिए, उम्मीदवार को सीयूई टेस्ट के साथ प्रफ़ोर्मेंस-आधारित टेस्ट भी देना होगा। इसके लिए मेरिट सीयूईटी के संयुक्त स्कोर और प्रफ़ोर्मेंस-आधारित टेस्ट के आधार पर बनाई जाएगी। बीबीए, बीएमएस, बीबीई के लिए उम्मीदवारों को किसी एक भाषा, गणित और सीयूईटी के खंड 3 के अनुसार उपस्थित होना होगा। बीए, बी. वोक., बी. कॉम. (लोकप्रिय पास कोर्स) प्रोग्रामों में प्रवेश के लिए उम्मीदवार को एक भाषा के साथ एक विषय और सामान्य परीक्षा अथवा तीन विषयों में टेस्ट का विकल्प है। भाषाई प्रोग्रामों में प्रवेश के लिए, उम्मीदवार सीयूईटी में विशेष भाषा चुन सकते हैं या किसी अन्य भाषा में टेस्ट दे सकते हैं। हालांकि, भाषा विशेष में आने वालों को वरीयता दी जाएगी।

  • टेस्ट के बाद केंद्रीकृत ई-काउंसलिंग की जाएगी
    कुलपति ने बताया कि टेस्ट के बाद केंद्रीकृत ई-काउंसलिंग की जाएगी। उन्होंने मीडिया के माध्यम से डीयू में दाखिले के इच्छुक विद्यार्थियों को आह्वान किया कि सीयूईटी के लिए कोई विशेष सिलेब्स नहीं है, विद्यार्थी अपने 12वीं के सिलेबस की पुस्तकों का अध्ययन करें। प्रेसवार्ता में कुलपति के साथ डीयू कुलसचिव डॉ विकास गुप्ता, डीन एडमिशन प्रो. हनीत गांधी, डीन स्टूडेंटस वेल्फेयर प्रो. पंकज अरोड़ा व डीयू पीआरओ अनूप लाठर मौजूद रहे। एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने बताया कि प्रत्येक काउन्सलिंग से पहले उम्मीदवार को अपनी वरीयता फिर से भरने का मौका दिया जाएगा। एक अन्य प्रश्न के उत्तर में कुलपति ने बताया कि माइनोरिटी कॉलेजों में जिन 50 प्रतिशत सीटों को आरक्षित रखा गया है उनमें दाखिले के लिए 85 प्रतिशत स्कोर सीयूईटी से लिया जाएगा और बाकी 15 प्रतिशत कॉलेजों की तरफ से तय होगा। गैर आरक्षित 50 प्रतिशत सीटों पर दाखिले पूरी तरह से सीयूईटी के आधार पर ही होंगे।
  • डीयू में दाखिला प्रक्रिया की मुख्य विशेषताएं
    कुलपति ने बताया कि डीयू में दाखिलों के लिए विस्तृत जानकारी एकल प्लेटफार्म पर वेबसाइट वेबसाइट www.admission.uod.ac.in के माध्यम से उपलब्ध है। देश भर से विद्यार्थियों को आमंत्रित करने के लिए शानदार इन्फोर्मेशन बुलेटिन की व्यवस्था है। इस बुलेटिन का हिंदी में अनुवाद भी किया जाएगा। उम्मीदवार को सीयूईटी में उपस्थित होने के लिए उन्हें विषय चुनने में मदद करने हेतु वेबसाइट पर उदाहरणात्मक जानकारी अपलोड की गई है। उन्होंने बताया कि डीयू से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए उम्मीदवारों की मदद के लिए चैटबॉट भी काम करेंगे। प्रश्नपत्रों के चयन में उम्मीदवारों की सहायता के लिए हेल्प डेस्क का प्रावधान होगा और उम्मीदवारों की मदद के लिए ओपन हाउस वेबिनार का आयोजन भी किया जाएगा।
  • एसओएल और एनसीडब्ल्यूईबी में प्रवेश
    कुलपति ने बताया कि एसओएल और एनसीडब्ल्यूईबी में दाखिले मेरिट आधारित प्रवेश के माध्यम से होंगे। इससे विद्यार्थियों की उस बड़ी आबादी को लाभ होगा जो ग्रेजुएशन की पढ़ाई करना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि पंजीकरण प्रक्रिया 6 मई 2022 से शुरू होगी। कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने बताया कि पीजी प्रोग्रामों में दाखिले पिछले वर्ष की तरह डीयूईटी के माध्यम से ही होंगे। इसके लिए उम्मीदवारों को डीयू रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना होगा। रजिस्ट्रेशन आज 6 अप्रैल से 15 मई, 2022 तक होंगे। डीयूईटी का आयोजन एनटीए द्वारा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष की तरह ही डीयू के विद्यार्थियों के लिए 50 प्रतिशत सीटें आरक्षित हैं जबकि 50 प्रतिशत विद्यार्थियों का चयन डीयूईटी के माध्यम से होगा। कुलपति ने बताया कि परीक्षा केंद्र के रूप में 28 शहरों का चयन किया गया है; प्रत्येक राज्य में एक केंद्र होगा। पीजी प्रवेश के लिए प्रवेश की प्रक्रिया और पात्रता मानदंड पूर्व की भांति हैं। उन्होंने बताया कि टेस्ट का आयोजन जुलाई के तीसरे सप्ताह में होने की संभावना है। पीएचडी कार्यक्रमों में दाखिलों के लिए तारीखों और विवरणों की घोषणा जल्द की जाएगी।

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