Friday, April 12, 2024
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समस्याओं का समाधान करने की बजाय केजरीवाल अपने मंत्रियों और विधायकों के वेतन वृद्धि के लिए चिंतित हैं : कांग्रेस

नई दिल्ली, 4 जुलाई, 2022 – दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि राजधानी दिल्ली की मौजूदा समस्याओं सहित महंगाई झेल रहे दिल्लीवासियों की परेशानियों को नजरअंदाज करके मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने दो दिवसीय विधानसभा का मानसून सत्र सिर्फ विधायकों का वेतन बढ़ाने के लिए रखा है, उन्हें दिल्ली के विकास और दिल्लीवालों के जीवन स्तर को उॅचा उठाने में कोई सरोकार नही है। सत्र के पहले दिन विधायक वेतन बढ़ोतरी संबधित बिल प्रस्ताव रखा जिसमें मंत्रियों, विधायकों, चीफ व्हीप, स्पीकर, डिप्टी स्पीकर और विपक्ष के नेता के वेतन बढ़ोत्तरी पर निर्णय लिया गया। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि अरविन्द केजरीवाल पहले ऐसे मुख्यमंत्री है जिनके पास कोई विभाग नही है।

चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि 2013 में अरविन्द केजरीवाल ने घोषणा की थी कि उनके विधायक सिर्फ 25,000 रुपये प्रतिमाह ओनोरेरियम के रुप में लेंगे। परंतु 2015 में सत्ता में आने 10 दिनों में ही उन्होंने अपने विधायकों के वेतन में 400 प्रतिशत बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव करके प्रत्येक का प्रतिवर्ष 10 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी के साथ आधा करोड़ सालाना करने का लक्ष्यम रखा गया था और पिछले वर्ष अगस्त में भी मुख्यमंत्री ने विधायकों का वेतन बढ़ाने का प्रस्ताव केन्द्र सरकार के पास भेजा था। उन्होंने कहा कि पिछले 8 वर्षों से प्रयासरत आम आदमी पार्टी ने भाजपा के साथ मिलीभगत करके दिल्ली के विधायकों का 66 प्रतिशत वेतन बढ़ाने में कामयाब हो गए है जिसे विधानसभा सत्र में सिर्फ औपचारिकताओं के साथ मुहर लगानी है।

चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि सत्ता में आने से पहले गाड़ी, बंगला, सुरक्षा व अन्य सुविधाए न लेने की बाते करने वाले अरविन्द केजरीवाल ने लाम लश्कर सुरक्षा के साथ सुविधा सम्पन्न सरकारी बंगले में रह रहे है। उन्होंने कहा कि वेतन वृद्धि के बाद प्रत्येक विधायक अब 54,000 प्रतिमाह के स्थान पर 90,000 रुपये प्रतिमाह ग्रहण करेंगे। जबकि दिल्ली सरकार ने 2 लाख 10 हजार रुपये प्रति विधायक का वेतन केन्द्र सरकार के पास प्रस्ताव भेजा था और गृह मंत्रालय ने 90,000 की मंजूरी दी है। उन्होंने कहा कि यह आश्चर्यजनक है कि बिना विभाग के मंत्री सत्येन्द्र जैन जेल में बंद है उन्हें किन मानकों पर मंत्री पद का वेतन दिया जाएगा, जबकि मुख्यमंत्री भी बिना किसी विभाग के अपना बढ़ा हुआ वेतन लेंगे।

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि वेतन के अलावा आम आदमी पार्टी के विधायक भ्रष्टाचार करके करोड़ो रुपये की उगाही कर रहे है और शायद ही कोई विधायक हो जो अपराध, भ्रष्टाचार अथवा प्रशासनिक अनियमितताओं में आरोपी साबित न हो। केजरीवाल सरकार के 80 प्रतिशत मंत्री, 38 विधायको पर 100 से अधिक अपराधिक मामले दर्ज है। उन्होंने कहा कि ऑड-ईवन योजना की आढ़ में केजरीवाल ने प्रत्येक विधायक को 12 लाख रुपये आड और ईवन नम्बर की दो कार खरीदने के लिए सरकारी खजाने से दिए, जबकि केजरीवाल सुख सुविधा नही लेने का बखान करते थे।

चौ0 अनिल कुमार ने मांग की कि अरविन्द केजरीवाल को विधानसभा सत्र में महंगाई, दिल्ली में बिगड़ते आर्थिक संतुलन, कोविड संक्रमण दर में बढ़ोत्तरी, बेरोजगारी, मानसून में जल-जमाव जैसे ज्वलंत मुद्दो सहित दिल्लीवालों की समस्याओं पर भी चर्चा की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि दिल्ली के हर गली-मौहल्ले और कौने पर खोली गई शराब की दुकानों के बाद दिल्ली में जो सामाजिक माहौल बिगड़ रहा है उस पर विधानसभा में चर्चा होनी चाहिए।

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