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कोरोना महामारी में ऐसा लगता है, पूरा सिस्टम फेल हो गया: अरविंद केजरीवाल

  • लाॅकडाउन के चलते दिल्ली में फंसे प्रवासियों की जिम्मेदारी हमारी
  • घर जाने के इच्छुक प्रवासियों के लिए ट्रेन की व्यवस्था की जा रही
  • लाॅकडाउन में घबराएं नहीं, थोड़े दिन तक धैर्य रखें
  • कंधे पर बच्चों को लेकर सड़क पर पैदल चल रहे मजदूरों को देख कर बहुत तकलीफ होती है
  • प्रवासियों से अपील, कई दिनों तक बिना खाए पैदल चलना ठीक नहीं है, यह उनके लिए खतरनाक है

नई दिल्ली: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने लाॅकडाउन की वजह से दिल्ली में फंसे प्रवासियों को आश्वस्त किया है कि उनकी सुरक्षा, खाने और रहने की जिम्मेदारी सरकार की है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि घर जाने के इच्छुक प्रवासियों के लिए टेªन की व्यवस्था की जा रही है। आप घबराएं नहीं, थोड़े दिन तक और धैर्य बनाएं रखें। उन्होंने दुख व्यक्त करते हुए कहा है कि कंधे पर बच्चों को लेकर सड़क पर पैदल चल रहे मजदूरों को देख कर बहुत तकलीफ होती है। ऐसा लगता है कि पूरा सिस्टम और सरकारें फेल हो गई हैं। उन्होंने पैदल घर जा रहे मजदूरों से अपील की कि कई दिनों तक बिना खाए पैदल चलना ठीक नहीं है। यह उनके लिए काफी खतरनाक है।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को डिजिटल प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि सोशल मीडिया पर देख रहा हूं कि अभी भी बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर सड़कों पर एक जगह से दूसरी जगह जाने की कोशिश कर रहे हैं। जब उनकी हालत देखता हूं, उनके साक्षात्कार और बयान पढ़ता हूं, तो पता चलता है कि वह कई-कई दिनों तक पैदल चल रहे हैं। उनके पैरों में छाले पड़ गए हैं। कई दिनों से कुछ भी नहीं खाया है। घर से जो रोटिया लेकर चले थे, वह रोटिया खत्म हो गई हैं। रास्ते में कोई मदद करने वाला नहीं है। कई लोग अपने बच्चों को कंधे पर बैठाए हुए होते हैं। एक आदमी को देखा कि वह अपनी बूढ़ी मां को कंधे पर लेकर कई किलोमीटर तक जा चुका होता है। मुझे यह सब देख कर बहुत तकलीफ होती है। ऐसा लगता है कि जैसे पूरा का पूरा सिस्टम फेल हो गया है। ऐसा लगता है कि सारी सरकारें फेल हो गई है।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में रहने वाले सभी लोगों से अपील करते हुए कहा कि आपको बिल्कुल चिंता करने की जरूरत नहीं है। दूसरे प्रदेशों के जो भी लोग दिल्ली में फंसे हैं और अपने घर जाना चाहते हैं, हम उनका इंतजाम कर रहे हैं। अभी तक हमने आपके रहने और खाने का इंतजाम किया था। मेरी आप से निवेदन है कि अभी आप दिल्ली छोड़ कर मत जाइए। लाॅकडाउन हमेशा नहीं रहेगा, कभी न कभी तो खुलेगा ही। सबको नौकरियां भी मिलेगी और सबको मजदूरी भी मिलेगी। फिर भी कोई फंसा हुआ है और घर जाना ही चाहते हैं, तो हम आपके लिए ट्रेन का इंतजाम कर रहे हैं। एक ट्रेन मध्यप्रदेश जा चुकी है और हमने एक ट्रेन बिहार भी भेजी है। अभी और ट्रेन का इंतजाम कर रहे हैं। केंद्र सरकार से हम बात कर रहे हैं। दूसरे राज्यों की सरकारों से भी हम बात कर रहे हैं। आप थोड़े दिन और इंतजार कीजिए, ऐसे पैदल घर से न निकलिए। यह आपके के लिए सुरक्षित नहीं है। कुछ लोगों की ट्रेन से कुचल कर मौत हो गई, कुछ लोगों को हादसे में मौत हो गई। कई दिनों तक बिना खाए-पीए पैदल चलाना भी सही नहीं है। हम आपकी जिम्मेदारी लेते हैं। आप सभी से निवेदन है कि ऐसे मत जाइए। हमारा आप भरोसा करें, हम आपका ख्याल रखने के लिए हैं।

  • दिल्ली सरकार ने पंजाब के प्रवासियों को बस से भेजा घर

दिल्ली सरकार लाॅकडाउन में फंसे प्रवासियों को लगातार उनके मूल प्रदेश भेजने की कार्रवाई कर रही है। दिल्ली में फंसे पंजाब के रहने वाले 150 प्रवासियों को रविवार को दिल्ली सरकार ने बस की मदद से उनके घर भेज दिया है। यह प्रवासी अपने घर जाने के लिए इच्छुक थे। जिसके बाद दिल्ली सरकार की तरफ से यह कदम उठाया गया। मुख्यमंत्री कार्यालय की तरफ से ट्वीट कर कहा गया है कि पंजाब के रहने वाले प्रवासी लोग नेहरू विहार स्थित सर्वोदय विद्यालय में बने अस्थाई सेल्टर होम में रह रहे थे। उन्हें रविवार को सुबह बस के जरिए मूल प्रदेश भेजा गया है। सभी प्रवासियों की पहले मेडिकल टीम ने जांच और स्क्रीनिंग की। प्रवासियों को रास्ते में खाने के लिए भोजन के पैकेट दिए गए हैं। साथ ही उन्हें मास्क और सैनिटाइजर भी उपब्लध कराए गए हैं। दिल्ली सरकार ने उन सभी लोगों के अच्छे स्वास्थ्य की कामना की है। इससे पहले, दिल्ली सरकार कोटा में फंसे दिल्ली निवासी सैकड़ों छात्रों को बस के जरिए वापस लाई थी। छात्रों को रास्ते में किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं हो, इसका पूरा ख्याल रखा गया था। वहीं, दिल्ली सरकार ने मध्य प्रदेश और बिहार के रहने वाले करीब 2400 प्रवासियों को स्पेशल ट्रेन के जरिए उन्हें अपने मूल प्रदेश भेजा है। इन्हें वापस भेजने से पहले अच्छी तरह मेडिकल जांच और स्क्रीनिंग की गई थी।

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