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सीबीआई की तरह ईडी ने भी उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को दी क्लीन चिट : AAP

ईडी के छापे की जानकारी मिलने पर न्यूज चैनल पहले ही मनीष सिसोदिया जी के घर पहुंच गए, लेकिन ईडी के अधिकारी छापा मारने नहीं आए- ईडी को पता चल गया कि रेड मारने का मतलब बेइज्जती कराना है, क्योंकि सीबीआई की तरह उन्हें भी कुछ नहीं मिलेगा- मध्यप्रदेश में बच्चों-गर्भवती महिलाओं के 2500 करोड़ के पोषण आहार में घोटाला हो गया, क्या सीबीआई-ईडी ने मामला दर्ज किया- गुजरात में ड्राई स्टेट होने के बावजूद घर-घर शराब की डिलीवरी हो रही है, क्या सीबीआई ने कोई छापा मारा- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लड़ाई भ्रष्टाचार से नहीं बल्कि सीएम अरविंद केजरीवाल से है, दिल्ली मॉडल को रोकने की कोशिश की जा रही हैं : सौरभ भारद्वाज

नई दिल्ली, 06 सितंबर, 2022 : आम आदमी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि सीबीआई की तरह ईडी ने भी उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को क्लीन चिट दे दी है।‌ ईडी के छापे की जानकारी मिलने पर न्यूज चैनल पहले ही मनीष सिसोदिया जी के घर पहुंच गए लेकिन ईडी के अधिकारी छापा मारने नहीं आए।‌ ईडी को पता चल गया कि रेड मारने का मतलब बेइज्जती कराना है। क्योंकि सीबीआई की तरह उन्हें भी कुछ नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में बच्चों-गर्भवती महिलाओं के 2500 करोड़ के पोषण आहार में घोटाला हो गया, गुजरात में ड्राई स्टेट होने के बावजूद घर-घर शराब की डिलीवरी हो रही है, क्या सीबीआई ने कोई छापा मारा? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लड़ाई भ्रष्टाचार से नहीं बल्कि सीएम अरविंद केजरीवाल से है। दिल्ली मॉडल को रोकने की कोशिश की जा रही हैं।

आम आदमी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता और विधायक सौरभ भारद्वाज ने पार्टी मुख्यालय में महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता को संबोधित किया। विधायक सौरभ भारद्वाज ने कहा कि कुछ सप्ताह पहले सीबीआई ने मनीष सिसोदिया जी के घर 14 घंटे तक रेड मारी। उसमें सीबीआई को कुछ भी नहीं मिला। इसके अलावा 6 घंटे तक पूछताछ की। जिसमें उपमुख्यमंत्री ने सभी सवालों के जवाब दिए। सीबीआई ने अपने ही अधिकारी के ऊपर मनीष सिसोदिया जी को झूठा फंसाने के लिए दबाव बनाया। कई मीडिया हाउस ने प्रकाशित किया कि शराब मामले की जांच से जुड़े सीबीआई के एक अधिकारी ने आत्महत्या की। उस अधिकारी ने आत्महत्या कर ली और सीबीआई ने मना कर दिया कि वह अधिकारी तो इस केस पर काम ही नहीं कर रहे थे‌।

उन्होंने कहा कि भाजपा कल एक नकली स्टिंग लेकर आई। लोगों ने भाजपा का खूब मजाक उड़ाया कि कुछ नहीं मिला। इसके बाद मीडिया के जरिए बताया गया है आज कई जगहों पर ईडी की रेड पड़ी है। हमें नहीं मालूम कि कहां पर रेड डाली जा रही है। सुबह-सुबह कई टीवी चैनल मनीष सिसोदिया जी के घर पर पहुंचे थे। उनको बताया गया होगा कि मनीष सिसोदिया जी के घर पर छापा मारना है। ऐसे में चैनल वाले बाहर खड़े थे लेकिन ईडी वाले नहीं आए। यह आम आदमी पार्टी के लिए बहुत ही खुशी की बात है। जिस तरह सीबीआई ने रेड मारने के बाद मनीष सिसोदिया जी को क्लीन चिट दी। उसी तरह आज ईडी ने भी क्लीन चिट दे दी है। ईडी के भी हाथ-पांव ठंडे हो गए, उनको लगा कि यहां जाने का मतलब बेइज्जती कराना है। ऐसे में भले वह छापे पूरी दुनिया में मार लें लेकिन यह तय हो गया कि सीबीआई और ईडी मनीष सिसोदिया जी को क्लीन चिट मिल गई है। ईडी ने आज मनीष सिसोदिया जी के घर पर कोई छापा नहीं मारा है‌ ।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहते हैं मैं भ्रष्टाचार से लड़ रहा हूं‌‌। एक-दो दिन पहले मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पर आरोप लगा कि बच्चों को स्कूल में मिलने वाले खाने और गर्भवती महिलाओं को जो पोषण के लिए खाना मिलता है, उसमें ढाई हजार करोड़ के प्रोजेक्ट के अंदर घोटाला किया गया है। वह विभाग सीधा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के अधीन आता है। खास बात है कि यह आरोप विपक्ष ने नहीं बल्कि मध्य प्रदेश के ऑडिटर जनरल ने अपनी ऑडिट रिपोर्ट के अंदर लगाए हैं कि बड़ा घोटाला हुआ है। इसके अंदर 49 लाख लोगों को पंजीकृत किया हुआ था। लेकिन कुछ हजार लोग ही मिल पाए हैं। इसके अलावा सैकड़ों मैट्रिक अनाज को गोदाम से स्कूलों तक पहुंचाया जाता है। ऑडिट में पता चला कि अनाज पहुंचाने वाले ट्रकों के नंबर हकीकत में मोटरसाइकिल, पानी के टैंकरों, स्कूटर के हैं । ढाई हजार करोड़ के प्रोजेक्ट के अंदर मध्यप्रदेश में घोटाला हुआ है। क्या किसी ने सुना कि प्रधानमंत्री ने कहा हो कि हम भ्रष्टाचार के खिलाफ है आज ईडी-सीबीआई का छापा मध्य प्रदेश और शिवराज सिंह चौहान के वहां पड़ेगा। क्या ऐसा सुना की सीबीआई मध्य प्रदेश के मामले को लेकर एफआईआर दर्ज करेगी,‌ बिल्कुल भी दर्ज नहीं करेगी।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लड़ाई भ्रष्टाचार से नहीं है। गुजरात के अंदर प्रत्येक होटल में शराब की डिलीवरी उपलब्ध है। हर गांव में कच्ची शराब बनती है। जहरीली शराब से पिछले दिनों 70 से ज्यादा लोग मारे गए। पूरे गुजरात में ड्राई स्टेट होने के बावजूद तय तरीके से प्रत्येक गांव और शहर में शराब मिलती है। क्या प्रधानमंत्री ने कोई सीबीआई का मामला दर्ज किया और क्या ईडी ने शराब कारोबारी के यहां कोई छापे मारे। क्या कोई छापा मारा कि यह शराब गुजरात के अंदर आती कहां से हैं और कैसे बिकती है। इतना बड़ा नेटवर्क पकड़ा नहीं जा रहा है, क्योंकि प्रधानमंत्री की लड़ाई भ्रष्टाचार से नहीं है। प्रधानमंत्री की लड़ाई अरविंद केजरीवाल से है। वह इस बात को छुपाना चाहते हैं यह कहकर कि मेरी लड़ाई भ्रष्टाचार से है। अगर भ्रष्टाचार से लड़ाई होती तो आज गुजरात के अंदर की ईड़ी- सीबीआई मध्य प्रदेश और शिवराज सिंह चौहान के यहां छापा मार रही होती। लेकिन यह लड़ाई‌ सिर्फ अरविंद केजरीवाल से है। अरविंद केजरीवाल को किसी भी तरीके से शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पानी के कामों को रोकने की पूरी कोशिश है। यह लड़ाई सिर्फ अरविंद केजरीवाल से है। भ्रष्टाचार का इस लड़ाई से कोई लेना-देना नहीं है।

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